बॉलीवुड इंडस्ट्री में गुलशन कुमार का नाम आखिर कौन नहीं जानता. वो एक सफल बिजनेस मैन प्रो़ड्यूसर और सिंगर थे. बालीवुड की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज को उन्होंने अपने दम पर खड़ी की थी. गुलशन कुमार की कामयाबी से लोग जलने लगे थे और 46 साल की उम्र में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी. 12 अगस्त 1997 को गुलशन कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. आज उनकी 20वीं पुण्यतिथि है.Also Read - Gulshan Kumar Murder Case: गुलशन कुमार हत्या मामले में रउफ मर्चेंट की सजा बरकरार, रमेश तौरानी हुए रिहा

20 साल बाद भी गुलशन कुमार के मौत की गुत्थी अनसुलझी है. माना जाता है कि उनसे फिरौती मांगी गई थी लेकिन उन्होंने अंडरवर्ल्ड को पैसे देने की बजाए वैष्णों देवी में भंडारा शुरू करवा दिया. अंडरवर्ल्ड को ये बात पसंद नहीं आई. गुलशन कुमार के इस रवैये से नाराज अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम ने उनकी हत्या करवा दी. दूसरी तरफ पुलिस ने संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण के नदीम सैफी को आरोपी बनाया. पुलिस का कहना था कि नदीम ने किराए के शूटर से गुलशन कुमार को गोली मरवा दी. नदीम को डर था कि गुलशन कुमार उनका म्यूजिक कैरियर तबाह कर देंगे. Also Read - Gulshan Kumar B'dy: 16 राउंड गोलियां चली..छलनी हो गया सीना, 'कैसेट किंग' की सनसनीखेज मौत की कहानी

ऐसे हुई थी हत्या
गुलशन कुमार की हत्या 12 अगस्त 1997 को हुई थी. उस दिन गुलशन कुमार अंधेरी वेस्ट के जीतेश्वर महादेव मंदिर गए थे. वहां से बाहर निकलते हुए उनको गोली मार दी गई. मौके पर ही गुलशन कुमार की मौत हो गयी. Also Read - Gulshan Kumar Birth Anniversary: जूस बेचने वाला बन गया 'म्यूजिक सम्राट', मशहूर हुआ तो पीठ में उतार दी गईं 16 गोलियां  

जूस वाले से सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी तक का सफर
गुलशन कुमार ने 5 मई 1951 ने दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्म लिया. शुरुआत में अपने पिता चंद्रभान के साथ दिल्ली के दरियागंज इलाके में जूस की दुकान चलाते थे. जल्दी ही उन्होंने अपना रास्ता बदला और पिता से अलग एक रिकार्ड और कैसेट की दुकान खोल ली. यह कदम एक बड़ी म्यूजिक कंपनी के खड़े होने की पहली सीढ़ी साबित हुई. दिल्ली से निकलकर वो मुंबई गए और सुपर कैसेट इंडस्ट्रीज नाम से म्यूजिक कंपनी शुरु की. शुरुआती दिनों में वो पॉपुलर गानों को फिर से डब करके सस्ते दाम में बेचा करते थे. काफी कम समय में उनकी कंपनी ने बहुत मुनाफा कमाया. वही कंपनी आज टी-सीरीज नाम से जानी जाती है. अब टी-सीरीज का बिजनेस उनके बेटे भूषण कुमार संभालते हैं. उनकी दो बेटियां भी हैं. पहली बेटी तुलसी कुमार एक प्लेबैक सिंगर हैं और दूसरी बेटी खुशाली कुमार माडलिंग और एक्टिंग करती हैं.

ये रहीं महत्वपूर्ण फिल्में
बालीवुड में उनकी पहली फिल्म 1989 में आई ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ थी. उसके बाद ‘आशिकी’ आई जिसके गानों ने धूम मचा दी. इसके अलावा बहार आने तक, जीना मरना तेरे संग, दिल है कि मानता नहीं, आई मिलन की रात और मीरा का मोहन जैसी फिल्में भी की. गुलशन कुमार का नाम भक्ति संगीत के लिए भी जाना जाता है. वो भक्ति गाने रिकार्ड करवाने के साथ-साथ खुद गाते भी थे. वैष्णों देवी में उनकी अटूट श्रद्धा थी. आज भी वैष्णों देवी के भक्तों के लिए उनके नाम का भंडारा अनवरत चल रहा है.

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार, गुलशन कुमार की बायोपिक में लीड रोल निभा रहे हैं. फिल्म का नाम ‘मोगुल’ है.