फिल्मकार व गीतकार गुलजार ने कहा कि वह हमेशा से सत्यजित रे (दिवंगत प्रतिष्ठित फिल्म निर्माता) के साथ काम करना चाहते थे. लेकिन गोपी गवैया बाघा बाजैया’ के साथ जुड़कर उन्हें लगा कि उनकी यह इच्छा किसी तरह से पूरी हो गई. गुलजार खुश हैं कि आगामी एनिमेशन फिल्म ‘गोपी गवैया बाघा बाजैया’ के लिए उन्होंने रे के दादा द्वारा लिखित मूल बांग्ला फिल्म ‘गोपी गाइन बाघा बाइन’ का अनुवाद किया है.

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बच्चों के साहित्य और मनोरंजन पर काम करने की अपनी इच्छा पर गुलजार ने बताया, “मेरी हमेशा से रे साहब के साथ काम करने की इच्छा थी. बांग्ला में ‘गोपी गाइन बाघा बाइन’ की सफलता के बाद, जिसे रे ने अपने दादाजी उपेंद्रकिशोर रे चौधरी की लिखी पुस्तक के आधार पर बनाया था. हम इसे हिंदी में बनाने वाले थे.”

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गुलजार ने कहा, “मैंने हिंदी में पटकथा लिखना शुरू किया था लेकिन एक बिंदु पर आकर उन्होंने इस पर विचार छोड़ दिया. मैं बहुत उदास था, क्योंकि मैं उनके साथ काम करना चाहता था.”

उन्होंने बताया, “जब उन्होंने ‘शतरंज के खिलाड़ी’ बनाने का फैसला किया तो फिर मैं उनके पास गया, क्योंकि मैं उनसे बहुत कुछ सीखना चाहता था, लेकिन उन्होंने कहा, ‘क्षमा करें, मैंने किसी और से वादा किया है, आप जानते हैं. मुझे एहसास हुआ कि मैंने अपना मौका खो दिया है.. हालांकि मैंने अपने सपने को जीवित रखा, क्योंकि मुझे नई पीढ़ी के बच्चों तक ‘गोपी गाइन बाघा बाइन’ जैसी क्लासिक कहानी को आगे बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई.”

शिल्पा रानाडे द्वारा निर्देशित ‘गोपी गवैया बाघा बजैया’ का निर्माण कराडी टेल्स के साथ चिल्ड्रेंस फिल्म सोसाइटी इंडिया करने जा रही है. यह एक मार्च को रिलीज होगी.

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