नई दिल्ली. हिंदी सिने जगत के मशहूर अभिनेताओं में शुमार धर्मेंद्र (Dharmendra) ने फिल्मों में अपने शुरुआती दौर के जमाने में काफी संघर्ष किया है. अभिनेता का कहना कि उनके कॅरियर का निर्णायक पल वह था, जब दिग्गज फिल्मकार बिमल राय ने उन्हें फिल्म ‘बंदिनी’ में देवेंद्र की भूमिका निभाने के काबिल समझा. अभिनेता शनिवार को अपना 83वां जन्मदिन मना रहे हैं. धर्मेंद्र आजकल फिल्मों की दुनिया से भले ही दूरी बनाकर रखते दिख रहे हों, लेकिन वे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं. यकीन न हो तो आप उनके टि्वटर हैंडल पर जाकर देख सकते हैं, जहां वे अपनी डेली-एक्टिविटी की तस्वीरें, यादें और वीडियो अपने फैन्स के साथ शेयर करते हैं. Also Read - अपने पसंदीदा थिएटर की हालत देख धर्मेंद्र हुए हैरान, तस्वीर शेयर कर कहा-मन उदास हो गया 

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उन्होंने एक वाकया साझा करते हुए कहा कि जब राय और मैं एक साथ खाना खा रहे थे तभी उन्होंने मुझे यह खबर सुनायी कि मैं उनकी फिल्म ‘बंदिनी’ में काम करने वाला हूं. यह सुनकर मैं हतप्रभ रह गया. हम साथ बैठकर मछली खा रहे थे और खबर सुनकर मेरे गले से एक निवाला भी नहीं उतर सका. लेखक राजीव विजयकर ने अपनी किताब ‘‘धर्मेंद्र: नॉट जस्ट ए ही-मैन’’ में इस किस्से का जिक्र किया है. अभिनेता की जीवनी पर आधारित यह किताब जल्द लोगों के बीच आने वाली है. 1950 के दशक में अब का मुंबई जब बॉम्बे हुआ करता था, उसी दौरान धर्मेंद्र (धरम सिंह देओल) अपनी किस्मत आजमाने मायानगरी पहुंचे. असफल रहने पर वह घर भी लौट गए. पांच साल गुजर जाने के बाद भी उनके दिल से फिल्मों में काम करने का सपना नहीं गया और फिर वह नवोदित कलाकारों के लिए आयोजित ‘फिल्मफेयर-यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स’ की प्रतियोगिता के लिए वापस आए जहां उनकी किस्मत का सितारा चमका.

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किताब में अभिनेता के हवाले से लिखा गया है, ‘‘मुझे याद है जब फिल्मफेयर प्रतियोगिता के अंतिम टेस्ट के दौरान मैं बड़ी बेसब्री से नतीजों का इंतजार कर रहा था. महान बिमल राय, उनके सहायक देबू सेन (जिन्होंने बाद में राय की 1968 में निर्मित ‘दो दूनी चार’ का निर्देशन किया) निर्णायक मंडल में शामिल थे. देबू मुझसे प्रभावित थे. मैं जब वहां इंतजार कर रहा था तो उन्होंने मुझे बड़े गौर से देखा और कहा, ‘है बात!’.’’ कुछ ही देर बाद सेन ने मुझे अंदर बुलाया और कहा कि बिमल दा मुझसे मिलना चाहते हैं. अभिनेता ने कहा, ‘‘मैं अंदर गया. मुझे देख बिमल दा ने बंगाली अंदाज में मेरा नाम पुकारते हुए कहा, ‘आओ, आओ धर्मेंदु. देखो तुम्हारी बउदी (भाभी) ने माछ (मछली) भेजा है’.’’

हालांकि आजकल फिल्मों में कम दिख रहे धर्मेंद्र, मायानगरी की दुनिया से ज्यादा अपने फार्म हाउस में बिजी रहते हैं. अपने जन्मदिन से एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने अपने फार्म हाउस का एक वीडियो भी साझा किया था. इस वीडियो में धर्मेंद्र लोगों से ऑर्गेनिक सब्जी का सेवन करने और इसके उत्पादन के लिए खेती-किसानी से जुड़ने की अपील करते दिख रहे हैं.