कलाकार- रानी मुखर्जी, हर्ष मायर, सचिन पिलगांवकर, शुप्रिया पिलगांवकर और कुणाल शिंदे
डायरेक्टर-सिद्धार्थ पी मल्होत्रा
जॉनर- ड्रामा
स्टार-3.5

हर किसी की जिंदगी में एक ‘हिचकी’ होती है फर्क बस इतना है कि कोई इसे किस्मत की नियती मानकर समझौता कर लेता है तो कोई इस कमजोरी को  अपनी ताकत बनाकर रास्ते में आने वाली बाधाओं से लड़ता है. रानी मुखर्जी की फिल्म ‘हिचकी’ भी इसी संघर्ष के बारे में है. शुक्रवार को ये फिल्म रिलीज हो गई है. इस फिल्म को सिद्धार्थ पी मल्होत्रा  ने डायरेक्ट किया है और मनीष शर्मा  ने प्रोड्यूस  किया है.

कहानी- रानी मुखर्जी एक स्कूल टीचर ( रानी नैना माथुर) की भूमिका में हैं. जिसे ‘टॉरेट सिंड्रोम’नामक बीमारी है. जिसके कारण उसे बोलने में दिक्कत होती है. काफी कोशिशों के बाद उसे एक बड़े स्कूल में नौकरी मिल जाती है. लेकिन अपनी इस बीमारी की वजह से उन्हें हमेशा परेशानी का सामना करना पड़ता है. लोग रानी का मजाक उड़ाते हैं. यहां कि स्कूल के बच्चे भी रानी को बेहद परेशान करते हैं. यही नहीं स्कूल स्टाफ भी रानी को आसानी से काम नहीं करने देता. लेकिन रानी भी हार नहीं मानती वो बच्चों को अपना बनाने के लिए हर वो उपाय करती है जिससे वो खुश रह सकें. तमाम अड़चनों के बाद वो इस संघर्ष में वो सफल भी होती है. फिल्म की कहानी ब्रैड कोहेन की पुस्तक ‘फ्रंट ऑफ द क्लास: हाऊ टॉरेट सिंड्रोम मेड मी द टीचर आई नेवर हैड’पर आधारित है. ‘हिचकी’ में हमें नए सिरे से टीचर और स्टूडेंट के बीच के रिश्ता देखने को मिलता है. एक नज़र देखिए फिल्म का ट्रेलर

अभिनय- पूरी फिल्म रानी मुखर्जी के कंधों पर टिकी है. रानी ने एक लंबे इंतजार के बाद इस फिल्म के जरिए कमबैक किया है और अपने अभिनय के जरिए लोगों को आकर्षित भी किया है. रानी ने ‘हिचकी’ के जरिए साबित कर दिया एक्टर हमेशा एक्टर रहता है. फिल्म में रानी का बेजोड़ अभिनय है. लेकिन हां, फिल्म की पटकथा में और भी कसावट हो सकती थी.

बॉक्स ऑफिस- क्रिटिक्स के मुताबिक हिचकी ओपनिंग डे पर 2 से ढाई करोड़ रुपए का बिजनेस कर सकती है. वहीं दूसरी तरफ फिल्म का बजट 20 से 25 करोड़ रुपए बताया जा रहा है. उनकी पिछली फिल्म मर्दानी ने पहले दिन 3.44 करोड़ रुपए कमाए थे. इससे पहले रानी वर्ष 2014 में फिल्म ‘मर्दानी’ में नजर आई थीं, इसके बाद उन्होंने यशराज फिल्म्स के आदित्य चोपड़ा के साथ शादी कर ली थी.

कुछ और भी- फिल्म को फील देने के लिए जो रैप और गाने रखे गए हैं जो फिल्म के साथ नहीं जाते और फिल्म को थोड़ा उबाऊ और भारी करते हैं. इनके बिना भी फिल्म अच्छी चल सकती थी. फिल्म में नीरज काबी का विलेन प्रिंसिपल वाला किरदार बचकाना लगता है. उनकी गरीब बच्चों से चिढ़ भी समझ के बाहर लगती है. हर समय रानी का उनको हराना भी बेतुका सा लगता है. रानी आखिरी बार साल 2014 में फिल्म ‘मर्दानी’ में दिखाई दी थीं.