आनंद कुमार के जीवन पर बनी ऋत्विक रोशन अभिनीत फिल्म ‘सुपर 30’ को आज एक साल हो गया है. इस फिल्म में ऋतिक रोशन ने बिहार के एक गणितज्ञ की भूमिका निभाई थी. फिल्म में उनके शानदार प्रदर्शन को काफी सरहाया गया था. Also Read - ऋतिक रोशन क्यों खुद को लाचार और बेबस महसूस कर रहे हैं? इंस्टाग्राम पर छलका एक्टर का दर्द  

एक साल पूरा होने के मौके पर अभिनेता ने एक वीडियो साझा कर उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया जो इस फिल्म का हिस्सा थे. इस फिल्म के लिए ऋतिक रोशन ने काफी ट्रांसफॉर्मेशन किया था. Also Read - रिया चक्रवर्ती से लगातार पूछताछ कर रही है ED, करोड़ों रुपए कहां गए? खुलेंगे गहरे राज़

ऋतिक ने अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकल कर यह भूमिका निभाई है और एक ऐसा किरदार पेश किया है जिसने सभी के दिलोदिमाग पर एक गहरी छाप छोड़ दी है. Also Read - दीपिका पादुकोण के हैं लाखों चाहने वाले, ऐसे ही नहीं चलता है नाम पर हैशटैग

 

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To silently persevere against all odds is to truly know the essence of god. To put your passion to the test is to truly know courage. And to forgive and be compassionate unconditionally first to oneself and then to others is to truly know love. Playing Anand was a reminder of all the above . Thank you team Super 30 for never giving up on ourselves . We went thru hell for a glimpse of heaven . I love you all !! #Vikasbahl @anaygoswamy @vinraw @ganeshkumar.fti @mrunalofficial2016 @nandishsandhu ‬@theamitsadh @pankajtripathi #AnandKumar @sarkarshibasish #AdityaSrivastava #1YearOfSuper30 #SajidNadiadwala @reliance.entertainment @fuhsephantom @nadiadwalagrandson #Virendra Saxena @ajayatulofficial @eshaanroshan @nadeemshahofficial #SadhanaSingh

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यहां तक कि वास्तविक जीवन के शिक्षक आनंद कुमार ने भी कहा है कि ऋतिक ने सुपर 30 में अपने चरित्र को न्यूनतम बारीकियों के साथ निभाया है. ऋतिक की ‘सुपर 30’ दर्शकों के लिए उनकी 2019 की सबसे पसंदीदा फिल्म रही.

कौन हैं गरीबों के मसीहा आनंद कुमार?
देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी में जाने का सपना हर इंजीनियरिंग स्टूडेंट का होता है लेकिन इस सपने को हकीकत में तब्दील करना इतना आसान नहीं होता. लेकिन हमारे देश में जब आनंद कुमार जैसे लोग सहायता के लिए मौजूद हों तो कुछ नामुमकिन भी नहीं होता. बिहार के रहने वाले आनंद, सुविधाओं से वंचित परिवारों के तीस बच्चों को हर साल अपनी कोचिंग में मुफ्त में आईआईटी की कोचिंग देते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं इन बच्चों को अपने घर पर रखते हैं और उनकी मां उनके लिए भोजन बनाती हैं.