नई दिल्ली: पाकिस्तानी संगीतकारों और ‘मी टू’ जैसे अभियानों पर अपनी टिप्पणियों को लेकर पिछले दिनों चर्चा में रहे गायक सोनू निगम का कहना है कि वह देश में बढ़ रहे रोष से चिंतित हैं और चाहते हैं कि लोग मुस्कुराएं तथा धैर्य रखें. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान लोगों को भाषा में शिष्टाचार व संयम बरतने की सलाह दी. उनका कहना है कि उन्हें जब जो कहना होगा कहेंगे.

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संयम रखने की जरूरत
बता दें कि सोनू निगम ने एक मीडिया सम्मेलन में अनु मलिक का समर्थन किया था. निगम ने कहा था, ‘‘जो सम्माननीय महिला ट्विटर पर ऊटपटांग बातें कर रही हैं, वह एक ऐसे व्यक्ति की पत्नी हैं जिन्हें मैं बेहद करीब मानता हूं. हालांकि वह इस संबंध को भूल चुकी हैं. मैं शिष्टाचार बनाए रखना चाहूंगा.’ इस पर गायिका सोना महापात्रा ने मलिक को ‘लगातार उत्पीड़न’ करने वाला व्यक्ति बताया था. इस पर सफाई देते हुए सोनू ने कहा, ‘‘मैं देश के आक्रोश को लेकर काफी चिंतित हूं. शिष्टाचार की आवश्यकता है. जिस तरह की भाषा का उपयोग लोग करते हैं वह आश्चर्यजनक है. जैसी भाषा का इस्तेमाल उन्होंने (सोना) किया उसमें बहुत द्वेष था. मैंने अपने हर बयान में मर्यादा बनाए रखी. हमें मुस्कुराने और संयम रखने की जरूरत है.’’

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पाकिस्तान में होते तो ज्यादा रॉयल्टी मिलती !
इससे पहले सोनू सनसनीखेज हेडलाइन के कारण लोगों के निशाने पर आ गए थे. इस बारे में सोनू ने कहा, ‘‘जब मुझे कुछ कहना होगा तो मैं वह कहूंगा जिस पर मुझे विश्वास है. मैं सच कहूंगा. आंख के बदले आंख … यह मेरा चीजों से निपटने का तरीका नहीं है. इससे केवल मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट पीटकर हत्या), रोड रेज (सड़क पर चालकों द्वारा हिंसक रोष व्यक्त करना) जैसी घटनाएं ही होती हैं.’’ गौरतलब है कि सोनू ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि वह पाकिस्तान से होते तो उन्हें भारत में काम करने के अधिक अवसर मिलते. हालांकि बाद में इस बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा था कि यह बयान उन्होंने संगीत जगत में मौजूदा रॉयल्टी के संदर्भ में दिया था. (इनपुट एजेंसी)