नई दिल्ली: कभी कभी कुछ हादसे आपको अंदर तक शांत कर देते हैं. आज यानी बुधवार को जब इरफ़ान खान (Irrfan Khan) के निधन की खबर आई तब मानों पूरी दुनिया आंसुओं से सराबोर हो गई. हर तरफ शोक और मातम का माहौल बन गया है. कहते हैं हर इंसान अपनी ज़िंदगी में किसी एक चेहरे को बहुत चाहता है और इरफ़ान की ज़िंदगी का वो चेहरा उनकी मां सईदा बेगम (Saeda Begum) थी. Also Read - इरफान खान के बेटे बाबिल ने आधा चेहरा ढक कर खिंचावाईं फोटो, बोले- दिमाग केवल...

मौत से पहले ही कई वजहों से इरफ़ान की हिम्मत पस्त हो गई थी. मां के जनाज़े (अंतिम यात्रा) में न शामिल होने का दुःख और मां को आखिरी बार न देखने की कलक ने इस दिग्गज अदाकारा को बहुत चोट पहुंचाई. मां की मौत के 3 दिन के बाद ही इरफान खान ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. Also Read - Irrfan Khan Death Anniversary: 'पठान के घर पैदा हुआ ब्राह्मण' घर वालों ने ही लगा दिया था ये टैग, गर्लफ्रेंड की फैमिली थी शादी के खिलाफ

रमज़ान के पाक साफ़ महीने में हुए इस हादसे से पूरा परिवार शोक में डूब गया है. किसको पता था थी इस हादसे से जूझ कर इरफ़ान भी अपनी जान गंवा देंगे. दरअसल इरफान खान अपनी मां सईदा बेगम (Saeda Begum)की आखिरी इच्छा पूरी नहीं कर पाए थे. Also Read - दिवंगत एक्टर इरफान खान से हुई इस एक्टर की तुलना, 'मगर उन्हें कोई भी कभी भी रिप्लेस नहीं कर सकता'

इरफ़ान खान के 50वें जन्मदिवस पर एक इंटरव्यू में उनकी मांसईदा ने कहा था कि वो चाहती हैं कि इस रमज़ान में इरफ़ान घर यानी जयपुर आ जाए. अपने इस इंटरव्यू में मां सईदा ने कहा था कि अपने इस जन्मदिन पर अगर इरफान घर आ जाता है तो यहीं मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा. लेकिन ये मुमकिन हो न सका. और अजीब बात तो ये कि इस दौरान इरफ़ान अपनी बीमारी न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जूझ रहे थे और  इस वजह से वो घर नहीं आ सकें थे.

बीते मंगलवार को इस हरदिल अजीज़ एक्टर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बुधवार की सुबह उनकी मौत की खबर आ गई.