नई दिल्ली. बॉलीवुड में युद्ध के विषयों पर फिल्म बनाने के एक्सपर्ट निर्माता-निर्देशक जे.पी. दत्ता (J.P. Dutta) की नई फिल्म ‘पलटन’ (Paltan) कल यानी शुक्रवार को रिलीज हो रही है. 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध के बाद सिक्किम के नाथू ला बॉर्डर के पास दोनों देशों की सीमाओं पर एक बार फिर सेनाओं के बीच हुई भिड़ंत पर यह मल्टीस्टारर फिल्म आधारित है. वर्ष 1967 में नाथू ला बॉर्डर पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच जंग की अनकही कहानी पर आधारित फिल्म में जैकी श्राफ, अर्जुन रामपाल, सोनू सूद, गुरमीत चौधरी जैसे कलाकारों ने काम किया है. War Drama यानी युद्ध के विषय पर फिल्म बनाने के एक्सपर्ट जे.पी. दत्ता करीब 12 साल बाद ‘पलटन’ रिलीज करने जा रहे हैं. इससे पहले 2006 में दत्ता की फिल्म ‘उमरांव जान’ रिलीज हुई थी. वहीं इसके पहले वे करगिल युद्ध पर आधारित अपनी मल्टीस्टारर फिल्म ‘L O C Kargil’ लेकर दर्शकों के बीच आए थे. Also Read - जे. पी दत्ता की PALTAN का टाइटल ट्रैक गाएगा इंडियन आइडल का ये सिंगर

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दत्ता ने अपनी नई फिल्म देखने की वजह बताते हुए अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘अगर आप इंडियन हैं तो आपको यह फिल्म (पलटन) देखनी चाहिए. युद्ध विषयक फिल्म बनाने की वजह बताते हुए दत्ता ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में मेरे आने से पहले वार-ड्रामा को फिल्माने की बात बहुत कम सोची जाती थी. लेकिन जब मैंने ‘बॉर्डर’ बनाई और इसे दर्शकों ने सराहा, तब जाकर युद्ध के विषयों पर आधारित फिल्मों के बनने की शुरुआत हुई. दत्ता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘मेरी फिल्म ‘बॉर्डर’ के कारण बड़ी संख्या में देश के युवाओं ने आर्मी ज्वाइन की. यह इस फिल्म का ही कमाल था, जिसने भारतीय सेना के प्रति देशवासियों, खासकर युवाओं में एक अलग किस्म का प्रेम जगाया. आज के युवा अपने देश और देश की सेना के बारे में स्पष्ट सोच रखते हैं. साथ ही वे देशप्रेम और सेना की महत्ता को बखूबी समझते भी हैं.

‘पलटन’ के पीछे की कहानी
जे.पी. दत्ता ने अपनी आने वाली फिल्म ‘पलटन’ के बारे में बताया कि इस फिल्म के लिए उन्होंने काफी रिसर्च किया है. नाथू ला बॉर्डर पर हुई घटना की एक-एक बातों को जानकर और उसकी बारीकियों को समझकर यह फिल्म बनाई है. दत्ता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘नाथू ला बॉर्डर पर 1967 में चीन की सेना के साथ भारतीय सेना की जिस बटालियन ने जंग लड़ी, मैं उससे मिला. बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर से ढेर सारी बातें की और नाथू ला पर हुए युद्ध में जिंदा बचे उस बटालियन के एक सदस्य से मुलाकात की. सेना के उस जवान ने मुझे उस युद्ध में बिताए एक-एक दिन की जानकारी दी. उसने अपने और अपने साथियों के साथ शेयर किए गए पलों के बारे में बताया, तब जाकर ‘पलटन’ की कहानी तैयार हुई.’ जे.पी. दत्ता ने बताया कि दर्शक पलटन में भारतीय सेना के शौर्य और जज्बे की एक नई और बिल्कुल अनकही कहानी देखेंगे, जिसे उस युद्ध के बाद भुला दिया गया. उन्होंने कहा कि ‘पलटन’ चीन की सेना के साथ जंग लड़ने वाले उन सैनिकों के बलिदान को याद करने की वजह बनेगी.