Jagjit Singh Birthday: संगीत और ग़ज़ल की दुनिया का एक ऐसा स्तंभ जिसे हर उम्र में याद किया जाता है. शायद ऐसा एक भी दिन न हो जिसमें उनकी आवाज़ हमारे सीने में न उतरी हो. भले ही वो आज दुनिया में नहीं हैं मगर उनकी मौजूदगी क़यामत तलक इस जहान को रौशन करेगी. अपनी रूहानी आवाज़ से श्रोताओं से एक रिश्ता बनाने वाले इस महान फनकार को लोग ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह (Jagjit Singh) के नाम से जानते हैं. आज इस बेहतरीन कलाकार का (Jagjit Singh Birth Anniversary) जन्मदिन है. 8 फरवरी 1941 के दिन राजस्थान के श्रीगंगानगर में जन्मे इस अद्भुत कलाकार ने हमें ग़ज़ल से ऐसा रूबरू कराया कि हम और आप शायद ही अब इससे कभी उबर पाएं. तमाम मुश्किलों के बावजूद जगजीत साहब ने कभी अपनी गायिकी के साथ समझौता नहीं किया. Also Read - Jagjit Singh Famous Ghazal: 'तुमको देखा तो ये ख्याल आया..' सभी पसंदीदा ग़ज़लें एक जगह पर!

जगजीत सिंह (फाइल फोटो)

आइए इस खास मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास और रोचक बातें (Unknown Facts of Jagjit singh):  Also Read - Jagjit Singh Death Anniversary: जब गाते-गाते रो रहे थे जगजीत सिंह, गाना खत्म होते ही उजड़ गया था संसार

-जगजीत सिंह के पिता अमर सिंह चाहते थे, कि उनका बेटा इंजीनियर या फिर किसी उच्च पद पर कार्य करें मगर शायद किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था और वह ग़ज़ल सम्राट बन गए. Also Read - Birthday: सुनिए जगजीत सिंह की वे गजलें जो उन्हें भी पसंद थीं

-जगजीत सिंह के पिता लोक निर्माण विभाग में कार्य करते थे. उनकी माता एक गृहणी थी.

-1967 में उनकी मुलाकात गजल गायिका चित्रा से हुई. इसके दो साल बाद 1969 में दोनों विवाह बंधन में बंध गए.

-चित्रा का जगजीत सिंह से दूसरा विवाह था. उनकी पहले विवाह से एक लड़की थी. वहीं जगजीत और चित्रा का एक बेटा भी था. लेकिन साल 1990 में कार में सफर के दौरान दुर्घटना में उनके बेटे विवेक की 18 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी. इस हादसे ने दोनों को तोड़ दिया था. बताया जाता है कि इस सदमे के बाद चित्रा ने गायिकी से काफी वक़्त के लिए दूरी बना ली तो वहीं जगजीत साहब की काफी वक़्त तक बोलती बंद हो गई थी.

जगजीत सिंह

-साल 2005 में जगजीत साहब को दिल्ली सरकार द्वारा गालिब अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था वहीं भारत सरकार ने भी साल 2003 में पद्म भूषण से उन्हें नवाज़ा था.

-उनकी पहली एलबम ‘द अनफॉरगेटेबल्स’ (1976) हिट रही. उन्होंने गजलों को जब फिल्मी गानों की तरह गाना शुरू किया, तो आम आदमी ने गजल में दिलचस्पी दिखानी शुरू की.

– ‘झुकी झुकी सी नजर बेकरार है कि नहीं’, ‘तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो’, ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया’, ‘प्यार का पहला खत लिखने में वक्त तो लगता है’, ‘होश वालों को खबर क्या’, ‘कोई फरियाद’, ‘होठों से छू लो तुम’, ‘ये दौलत भी ले लो’, ‘चिठ्ठी न कोई संदेश’ जैसी फिल्मी ग़ज़लें हमेशा के लिए अमर हो गईं.

– 10 अक्टूबर 2011 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में जगजीत सिंह के रूप में भारत ने एक बेहतरीन गायक खो दिया.