फिल्म : फेमसAlso Read - KBC 13: Suniel Shetty-Jackie Shroff के स्टेज पर लेटकर दिखाई अपनी फिटनेस, हॉट सीट पर बैठकर देखते रहे अमिताभ बच्चन

डायरेक्टर: करण बुटानी Also Read - इस सीक्रेट मंत्र को हमेशा फॉलो करते हैं Jackie Shroff, सलमान खान के लिए कह गए ये बात

स्टार कास्ट: जिमी शेरगिल, पंकज त्रिपाठी, माही गिल, श्रिया सरन, के के मैनन, जैकी श्रॉफ Also Read - मुंबई के सबसे महंगे इलाके में शिफ्ट हुआ जैकी श्रॉफ का परिवार, 8 बेडरूम वाले घर में है जिम और स्विमिंग पूल...देखें Inside Photos

अवधि: 1 घंटा 55 मिनट

स्टार: 2.5/5

गांव, बीहड़ और दबंग का चंबल से पुराना रिश्ता रहा है. बॉलीवुड में कई शानदार फ़िल्में अब तक चंबल पर बन चुकी है. करण ललित बुटानी की फिल्म ‘फेमस’ भी कुछ ऐसी ही है जो चंबल और उसके लोगों पर बेस्ड है. ख़ास बात ये है कि करण ने इस फिल्म के जरिए बतौर डायरेक्टर अपना डेब्यू किया है.

कहानी- फिल्म ‘फेमस’ की कहानी चंबल के एक गांव से शुरू होती है, जहां दबंग शम्भू सिंह(जैकी श्रॉफ) की बेटी की शादी की तैयारियां चल रही होती है लेकिन तभी इस बीच कड़क सिंह (केके मेनन) आता है और दुल्हन को उठा कर ले जाने लगता है. एक दूसरे पर गोलियां चलती हैं और शम्भू सिंह की गोली कड़क सिंह को न लगकर उसकी खुद की बेटी को लग जाती है. इसके बाद शम्भू को जेल हो जाती है. गांव का मसीहा जेल चला जाता है. जिसके बाद कड़क सिंह गांव का नया ‘बाहुबली’ बन जाता है और अपनी दबंगई के बल पर पूरे गांव पर अपना हुक्म चलाता है. इस काम में उसका साथ इलाके का मंत्री राम विजय त्रिपाठी (पंकज त्रिपाठी) देता है जो अपनी अय्याशियों के लिए फेमस है.

इन सबके बीच राधे (जिमी शेरगिल) की भी कहानी है. जो सीधा-साधा है. राधे जब स्कूल में होता है तो रोजी टीचर (माही गिल) उसकी फेवरेट होती हैं. रोजी पर त्रिपाठी की बुरी नजर पड़ती है और वो उसे अपनी हवस का शिकार बनाकर उसे गोली मार देता है. जिसकी वजह से त्रिपाठी को जेल जाना पड़ता है. वहीं राधे ने कड़क सिंह को भी एक खून करते देखा होता है, लेकिन पुलिस के सामने मुकर जाता है और कड़क सिंह को जीवनदान मिल जाता है. राधे के इस एहसान के चलते कड़क सिंह उसे अपने भाई की तरह मानता है. इस बीच राधे बड़ा होता है और उसकी शादी लल्ली (श्रिया सरन) से होती है. लेकिन जब त्रिपाठी जेल से छूट कर आता है तो उसकी बुरी नियत लल्ली पर पड़ती है और वो उसे हर हाल में पाना चाहता है. फिर शुरू होता कहानी में ट्विस्ट, पैसे की लालच में कड़क सिंह भोले भाले राधे को फांसकर उसकी बीवी लल्ली को त्रिपाठी के हाथों सौपना चाहता है. पैसा और वफ़ादारी के बीच कड़क सिंह पैसा को चुनता है. कड़क, लल्ली को किडनेप कर लेता है लेकिन तभी इस बीच गांव में शम्भू सिंह की वापसी होती है. जो कड़क सिंह के खून का प्यासा है. लेकिन क्या राधे अपनी पत्नी लल्ली को त्रिपाठी और कड़क सिंह के हाथों से बचा पाएगा? क्या शम्भू, कड़क सिंह से अपना बदला ले पाएगा? क्या राधे की लड़ाई में शम्भू उसका साथ देगा? इन सभी सवालों के जवाब के लिए आपको पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी.

डायरेक्शन- डायरेक्शन क्षेत्र में उतरे करण ललित बुटानी की इस फिल्म में कई दमदार डायलॉग्स हैं जो इसे काफी दमदार बनाते हैं. लेकिन अगर कहानी के बारे में बात करे तो फिल्म की पूरी कहानी घीसी-पीटी सी नजर आती है. फिल्म में बीहड़ का तो जिक्र हुआ है लेकिन शॉट्स कम नजर आते हैं जो कि इसे थोड़ा कमजोर करती है.

एक्टिंग- इस पूरी फिल्म में पंकज त्रिपाठी की दमदार एक्टिंग देखने को मिलती है वह शुरू से अंत तक छाए हुए रहे. वहीं केके मेनन ने भी एक दबंग की भूमिका को बखूबी निभाया. जिम्मी शेरगिल और श्रिया सरन ने अच्छा काम किया.

म्यूजिक- फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘बंदूक’ और ‘दिल बेपरवाह’ आपको काफी पसंद आएगा.

क्यों देखें- अगर आप सीरियस टाइप की फिल्मों को पसंद करते हैं तो ये फिल्म आपको जरूर पसंद आएगी. वैसे केके मेनन और पंकज त्रिपाठी जैसे स्टार्स के लिए भी ये फिल्म देखी जा सकती है.