सीनियर कॉमेडी एक्टर कादर खान (Kader Khan)का निधन हो गया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक कादर के बेटे सरफराज खान ने इस बात की जानकारी दी है. 81 साल के खान साहब लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. सांस की तकलीफ के कारण उन्हें  बाइपेप वेंटिलेटर पर रखा गया था. उनके दिमाग ने काम करना बिल्कुल बंद कर दिया था. वे अपने बेटे और बहू के साथ काफी सालों से कनाडा में रह रहे थे. कादर खान की सेहत की सलामती के लिए पिछले दिनों अम‍िताभ बच्चन ने भी ट्वीट किया था. अमिताभ ने कादर खान के साथ दो और दो पांच, मुकद्दर का सिकंदर, मि. नटवरलाल, सुहाग, कुली और शहंशाह में काम किया है.

बढ़ती उम्र की वजह से कादर खान का हुआ बुरा हाल... अब दीखते हैं ऐसे कि पहचान भी नहीं सकते

कादर खान के मौत की झूठी खबर पहले भी कई बार फैली है. इस पर खुद कादर खान को भी कहना पड़ा था कि मैं मरा नहीं जिंदा हूं. लेकिन इस बार इन सारी अफवाहों को विराम मिल गया है. कादर खान हरफनमौला कलाकार थे.कादर खान आखिरी बार 2015 में अपनी फिल्म ‘दिमाग का दही हो गया’ के चलते मीडिया के सामने आये थे. उसके बाद वो मीडिया से कभी रु-ब-रु नहीं हुए.

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उनकी और गोविंदा की जोड़ी को परदे पर काफी पसंद किया गया. इनमें दरिया दिल, राजा बाबू, कुली नंबर 1, छोटे सरकार, आंखें, तेरी पायल मेरे गीत, आंटी नंबर 1, हीरो नंबर 1, राजाजी, नसीब, दीवाना मैं दीवाना, दूल्हे राजा, अखियों से गोली मारे आदि फिल्में कीं.

कादर खान ने अपने फिल्मी कैरियर में अभिनय, संवाद लेखन, स्क्रिप्ट लेखन, और निर्देशन भी किया है. क़ादर खान के काम का लोहा इसी बात से साबित होता है कि उनको 13 बार फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया जिसमें से उन्होंने 4 बार फिल्म फेयर पुरस्कार जीता.

 

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