नई दिल्ली: बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने अपनी बहन रंगोली चंदेल के साथ शुक्रवार को बांद्रा पुलिस थाने में राजद्रोह और सांप्रदायिक द्वेष फैलाने के मामले में अपना बयान दर्ज करवाया. इससे पहले उन्होंने वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें अपने विचार प्रकट करने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है. सीआरपीएफ जवानों की ‘वाई प्लस’ श्रेणी सुरक्षा प्राप्त कंगना मुंबई के उपनगर स्थित पुलिस थाने अपने वकील के साथ दोपहर करीब एक बजे पहुंची. उस समय वहां मीडिया का भारी जमावड़ा था. कंगना रनौत एवं उनकी बहन करीब दो घंटे तक पुलिस थाने में रही.Also Read - Kangana Ranaut को प्यार में मिला धोखा? एक्ट्रेस के इमोशनल पोस्ट को देखकर फैन्स हुए परेशान, टूटे दिल के साथ...

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मजिस्ट्रेट अदालत में अगली सुनवाई के बाद उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. कंगाना रनौत के वकील रिजवान सिद्दिकी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘ उच्च न्यायालय को दिए गए भरोसे के तहत कंगना अपनी बहन के साथ आज पुलिस के समक्ष बयान दर्ज करवाने के लिए पेश हुईं.’’बांद्रा की मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया था कि कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ जांच करे. Also Read - kangana Ranaut ने शेयर की अपनी इतनी बोल्ड फोटो, हाथ में वाइन का ग्लास लिए बोलीं- अगर कोई अरेस्ट करने आया...

अदालत ने यह आदेश उस शिकायत पर दिया जिसमें आरोप लगाया था कि कंगना और रंगोली सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के जरिये नफरत फैलाने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही हैं. कास्टिंग डायरेक्टर और फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सय्यद ने कंगना और उनकी बहन के ट्वीट एवं बयान का संदर्भ देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामले में गत वर्ष अक्टूबर में प्राथमिकी दर्ज की. उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा- 153ए (अलग-अलग धार्मिक, जातीय समूहों में द्वेष को बढ़ावा देना), धारा-295 ए (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काना) और धारा-124 ए (देशद्रोह) के तहत मामला दर्ज किया गया है. Also Read - FIR Against Kangana: सिखों के संबंध में 'अपमानजनक' टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत के खिलाफ मुंबई में FIR दर्ज

पुलिस थाने जाने से पहले कंगना रनौत ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने दावा किया कि देशहित के मुद्दों पर अपनी राय रखने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट डेढ़ मिनट के वीडियो में कहा, ‘‘ मेरा घर गैर कानूनी तरीके से तोड़ दिया गया. जब मैं किसानों के हित की बात करती हूं तो मेरे खिलाफ लगभग रोज मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उदाहरण के लिए मेरे खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया है क्योंकि मैं हंस दी थी.’’वीडियो का शीर्षक है, ‘‘क्यों मुझे मानसिक,भावनात्मक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है? मुझे इस देश से उत्तर चाहिए…मैं आपके लिए खड़ी हुई और अब समय मेरे लिए आपके खड़े होने का है.’’

कंगना रनौत ने कहा कि उनकी बहन के खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया गया क्योंकि कोरोना वायरस की महामारी के शुरुआती दिनों के दौरान डॉक्टरों पर हुए हमले के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई.उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि मेरा नाम भी मामले में जोड़ दिया गया जबकि उस समय मैं ट्विटर पर भी नहीं थी. सामान्यत: यह नहीं होता है लेकिन यह हुआ और हमारे माननीय मुख्य न्यायाधीश ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है.’’

कंगना ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्यों उन्हें पुलिस थाने में हाजिरी देने का आदेश दिया गया.उन्होंने कहा, ‘‘ …और कोई नहीं बता रहा है कि यह किस तरह की हाजिरी है? मुझसे यह भी कहा गया कि मैं किसी पर हो रहे अत्याचार के बारे में बात भी नहीं कर सकती.’’कंगना ने वीडियो में उच्चतम न्यायालय का भी जिक्र किया और ‘जय हिंद’ के साथ इसका समापन किया.इससे पहले मुंबई पुलिस ने तीन बार नोटिस जारी कर उन्हें मामले में बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा था.

बंबई उच्च न्यायालय ने गत वर्ष नंवबर में कंगना रनौत एवं उनकी बहन रंगोली चंदेल को गिरफ्तारी से सुरक्षा देते हुए और आठ जनवरी को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था.उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तारीख तय की है.

इनपुट- एजेंसी