नई दिल्ली: बी टाउन की दुनिया में अपनी बेबाकी से मशहूर एक्ट्रेस कंगना रनौत ने हमेशा अपने फिल्मों के चयन में चुनौतियों का सामना किया है. हर किस्म के किरदार को निभाने वाली अदाकारा कंगना ने कहा कि देश में एक्टर होना एक प्रिवलेज जॉब है जबकि फिल्म मेकर्स की जो कीमत होनी चाहिए वह नहीं होती है. अपनी आगामी फिल्म ‘पंगा’ के प्रमोशन पर ‘मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी’ फिल्म के समय हुए विवाद पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने यह बात कही. पंगा का निर्देशन अश्विनी अय्यर तिवारी ने किया है.

चीनी और चॉकलेट की दीवानी हैं दिशा पाटनी मगर इस वजह से मारती हैं तलब

उन्होंने कहा, “कोई पंगा नहीं था. निर्देशक ने फिल्म छोड़ दी थी और मैंने इसे पूरा किया. बस यही हुआ था. यदि मैंने अपने प्रोड्यूसर और स्टूडियो की मदद की तो इस चीज के लिए मेरा सम्मान होना चाहिए. लोगों को देखना चाहिए कि मैं जिम्मेदार व्यक्ति हूं. मेरी आलोचना की गई और मैं इसके लिए हैरान हूं.”

Birthday: क्यों टूट गया था सुशांत सिंह का अंकिता लोखंडे से रिश्ता? मरने के बाद बुलाई गई थी ‘आत्मा’, पढ़िए रोचक किस्से

कंगना ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि एक्टर होना बेहद प्रिवलेज जॉब है. अश्विनी भी मेरी बात से सहमत होंगे और मैं माफी के साथ यह कहना चाहती हूं कि हमारे देश में एक निर्देशक के रूप में जैसी मेकर्स की कीमत की जानी चाहिए वैसी होती नहीं है. यह इंडस्ट्री केवल एक्टर्स के लिए है.” कंगना ने कहा कि वह फिल्म मेकिंग की अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करना चाहती हैं.