फिल्म एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के दफ्तर को बीएमसी (BMC) ने अवैध निर्माण बताकर तोड़ दिया था. जिसके बाद शिवसेना और कंगना में लगातार जुबानी जंग चल रही है. अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है. कंगना रनौत ने ऑफिस के तोड़फोड़ को लेकर महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी और अब उन्होंने बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) की तरफ से 9 सितंबर को ऑफिस में की गई तोड़फोड़ को लेकर 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. हालांकि हाईकोर्ट ने बीएमसी की इस कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. और जवाब मांगा था.Also Read - देश के प्रधानमंत्री बनने की चाहत रखने वाले Abhijeet Bichukale की बिग बॉस में धांसू एंट्री, इस बात से खफा हुए सलमान खान

कंगना ने कोर्ट में दी है अर्जी
कोर्ट में दी अर्ज़ी में कंगना ने दलील दी है कि उन्होंने अपना ऑफिस बनाने के लिए बकायदा बीएमसी से परमिशन ली थी. 2018 में इजाजत मिलने के बाद उन्होंने ऑफिस में बदलाव किए थे. लेकिन बीएमसी ने कुछ दिन पहले उनके ऑफिस को अवैध निर्माण कहकर गिरा दिया. इस गैर कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें मुआवजे के तौर पर दो करोड़ रुपये बीएमसी की तरफ से दिए जाएं. जानकारी के मुताबिक 22 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी. Also Read - Tadap Second Trailer: मोहब्बत की हद को पार कर गए Sunil Shetty के बेटे Ahan Shetty, किया Passionate Kiss

बीएमसी की कार्रवाई के बाद कंगना रनौत ने ट्वीट कर कहा था कि मैंने अपने ऑफिस की ओपनिंग 15 जनवरी को की थी. उसके बाद कोरोना काल आ गया. मेरे पास भी दूसरों की तरह काम नहीं था. और अब मेरे पास इसे रिनोवेट कराने के लिए पैसे नहीं हैं. मैं इस टूटे हुए ऑफिस में ही काम करूंगी. यह टूटा ऑफिस एक महिला की इच्छा का प्रतीक है, जिसने इस दुनिया में उठने का साहस दिखाया है.” Also Read - 'कित्थे चलिए नी कित्थे चलिए', मुस्कुराते हुए तंजानिया के फैंस ने गाया गाना, Kiara Advani ने शेयर किया वायरल वीडियो

इससे पहले कंगना ने दफ्तर तोड़े जाने पर उद्धव ठाकरे को चेतावनी दी थी और कहा था कि ये वक़्त ज़रूर बदलेगा. कंगना ने कहा था कि मेरा दफ्तर राम मंदिर है. और राम मंदिर फिर बनेगा.