पिछले हफ्ते गोवा के एक गांव में शूटिंग के लिए आए करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन के क्रू द्वारा पीपीई और अन्य कचरे को अलग-अलग किए बिना फेंकने का कथित विवाद बुधवार को भी जारी रहा. कंगना रनौत ने ट्विटर पर इस मुद्दे को उजागर किया और दावा किया कि कचरे को इस तरह लापरवाही से फेंकने से पर्यावरण को नुकसान होता है. वहीं करण जौहर की प्रोडक्शन फर्म द्वारा हायर किए गए गोवा के प्रोड्यूसर दिलीप बोरकर ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री को जमीनी हकीकत नहीं पता है. Also Read - रिव्यू-अपने भीतर के ‘कसाई’ से रूबरू करवाती कहानी

बुधवार को पणजी में बोरकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कंगना रनौत को इसके बारे में कुछ भी नहीं पता है. वह गोवा का नाम खराब कर रही हैं. हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. शायद इसलिए कि धर्मा प्रोडक्शन या करण जौहर का नाम इसमें शामिल है.” Also Read - राजकुमार राव और परेश रावल बन बैठे 'शतरंज के खिलाड़ी', और फिर....

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फिल्म प्रोडक्शन के क्रू द्वारा अंधाधुंध तरीके से कचरे के बैग फेंकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद फिल्म की शूटिंग से संबंधित नियमों की देखरेख करने वाली सरकारी एजेंसी एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा (ईएसजी) ने बोरकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया. नोटिस में कहा गया था कि नान-बायोडिग्रेडेबल कचरे को फेंकते समय मानदंडों का पालन नहीं किया गया था. इस कचरे में फिल्म की शूटिंग के दौरान इस्तेमाल हुए पीपीई किट भी शामिल थे.

बोरकर ने कहा कि दीपिका पादुकोण अभिनीत धर्मा प्रोडक्शन की इस फिल्म की शूटिंग उत्तरी गोवा के नेरुल के समुद्रतट पर बसे गांव में एक विला में की जा रही थी और स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा बताई गई जगह पर ही रोजाना कचरा फेंका गया था.

बोरकर ने कहा, “हर दिन ग्राम पंचायत द्वारा नियुक्त एक स्थानीय ठेकेदार यह कचरा फेंकता था. केवल रविवार को वह ऐसा नहीं कर पाया, जिसकी तस्वीरें वायरल हुईं.”

मंगलवार को रनौत ने ये तस्वीरें ट्विटर पर अपलोड कीं, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया और तस्वीरें वायरल हो गईं.