मुंबई: एक्ट्रेस कंगना रनौत और मुंबई महानगर पालिका के बीच तकरार कम होने का नाम नहीं ले रही है. कंगना ने बीएसी द्वारा बंगले को गिराने के लिए मुआवजे की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका के विरोध में बीएमसी द्वारा हलफनामें में कहा गाय कि यह याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपने हलफनामे में अदालत से कंगना रनौत की याचिका खारिज करने और ऐसी याचिका दाखिल करने के चलते उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए. Also Read - कंगना ने भाई को शादी से पहले लगाई हल्दी, रस्मों की तस्वीरें और वीडियो वायरल   

अब कंगना ने एक बार फिर से बीएमसी पर पलटवार किया है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के नाम एक खास संदेश लिखा और अपने इस नोट में उन्हें बीएमसी को राज्य सरकार का ‘पालतू’ कहकर बुलाया. कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज में इमारतों को नुकसान पहुंचाने के संबंध में मुंबई नगर निगम अधिनियम 1888 की धारा 351 में उल्लेखित नियमों का जिक्र किया. Also Read - कंगना रनौत के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने दर्ज करवाई नई FIR, राज-द्रोह के केस में बहन रंगोली का भी नाम शामिल

इसमें लिखा गया, “इमारतों की संरचना को नुकसान पहुंचाने के संबंध में नगर निगम के नियम- व्यक्ति विशेष को 15 दिनों का नोटिस दिए जाने के बाद ही इमारत की संरचना ढहाई जा सकती है. संरचना अवैध होने पर भी उसे तोड़ते वक्त अगर नगर निगम नियमों का उल्लंघन करता है, तो उन्हें कुछ मुआवजे का भुगतान करना पड़ता है और जिन भी ऐसे मामलों में मुआवजे का भुगतान किया है, उनकी वसूली उन अधिकारियों से की जाती है, जिन्होंने कानून का उल्लंघन किया है.” कंगना ने अपने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “महाराष्ट्र सरकार और इनके पालतू बीएमसी के लिए एक खास संदेश.” Also Read - कंगना रनौत का दावा, कहा- मैंने बॉलीवुड को पहली एक्शन हिरोइन दी, शेयर किया VIDEO