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पणजी, 25 नवंबर | फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने सोमवार को कहा कि सरकार को चाहिए कि फिल्म के मामले में सेंसरशिप के फैसले को अंतिम फैसला कर दे, क्योंकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड सीबीएफसी से हरी झंडी मिलने के बाद भी कुछ लोग किसी फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं। जौहर ने कहा कि इससे फिल्मोद्योग को मदद मिलेगी। Also Read - Sushant Singh Rajput Case में CBI बोली-जांच जारी है, क्‍लोजर रिपोर्ट वाली मीडिया की खबरें 'काल्पनिक'

करण ने यहां सोमवार को फिल्म बाजार के आखिरी दिन ‘ऐन आफ्टरनून एट फिल्म बाजार विद राजीव मसंद’ नामक खंड में कहा, “मैं चाहता हूं कि सेंसरशिप अंतिम प्राधिकार हो। मैं अदालत में ऐसे मुकदमें लड़ रहा हूं, जो निहायत हास्यास्पद हैं। मैं अब भी ‘कभी खुशी कभी गम’ फिल्म को लेकर एक केस लड़ रहा हूं। मैं चाहता हूं कि आखिरकार कोई फैसला आ जाए। मैं मौजूदा शासन के बहुत सक्रिय होने की वजह से उम्मीद करता हूं कि उन्हें इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और वे कहें कि सेंसरशिप ही अंतिम प्राधिकार है।” Also Read - रिपब्लिक टीवी, टाइम्स नाउ के खिलाफ उच्च न्यायालय पहुंचे बॉलीवुड निर्माता, लगाए ये आरोप

करण पर अपने निर्देशन की फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ (2001) में राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगा था, जिससे संबंधित मामला अदालत में अब भी विचाराधीन है।