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फिल्‍म ‘हैदर’ का वो सीन तो आपको याद होगा जिसमें गुजाला मीर (तब्बू) का निकाह पढ़ा जाता है। फिल्‍म के इस छोटे से सीन में निकाह कराने वाले को असल जिंदगी में नौकरी से निकाल दिया गया है.’ हैदर’ में एक छोटी-सी भूमिका निभाने के कारण इमाम गुलाम हसन शाह को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है, जिससे वह काफी नाराज़ हैं।

श्रीनगर के पुराने शहर की मस्जिद ‘बाबा दावूद खाकी’ के अधिकारियों ने इमाम गुलाम हसन शाह को मस्जिद की सेवाओं से मुक्त कर दिया है। फिल्‍म ‘हैदर’ में तब्‍बू का निकाह कराने वाले काजी गुलाम हसन शाह ही थे।
अब इमाम गुलाम हसन शाह ने वकील फिरदौस अहमद भट्ट के जरिये ‘हैदर’ के निर्माता-निर्देशक विशाल भारद्वाज को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने हर्जाने के अलावा विशाल से माफी की भी मांग की है। नोटिस में इमाम की नौकरी जाने और विशाल द्वारा उनके साथ हुई आपसी सहमति को तोड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
इमाम गुलाम हसन शाह मस्जिद-ए-बाबा दाऊद खाकी में पिछले सात साल से इमाम के तौर पर काम कर रहे हैं।इस घटना के चलते गुलाम हसन शाह ने फिल्‍म के डायरेक्‍टर विशाल भारद्वाज को लीगल नोटिस भेजा है। उन्‍होंने विशाल भारद्वाज से इस बात के लिए माफी मांगने और इमाम के पद से बर्खास्‍त किए जाने पर हुए नुकसान के लिए 50 लाख रुपये का भुगतान करने की मांग की है। इमाम गुलाम हसन शाह मस्जिद-ए-बाबा दाऊद खाकी में पिछले सात साल से इमाम के तौर पर काम कर रहे हैं।