KK Singh father of Sushant Singh Rajput met with Bihar CM nitish kumar says we are sad about slow Investigation of CBI-अपने दिवंगत बेटे सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में देरी होने से एक्टर के पिता केके सिंह दुखी हैं. इसी मामले को लेकर  के.के.सिंह, एक्टर की  बहन और बहनोई ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की है. मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, सुशांत सिंह के पिता के.के. सिंह ने करीब 45 मिनट तक मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की. सूत्रों का कहना है कि सिंह ने मुख्यमंत्री से सुशांत मामले में न्याय दिलाने का निवेदन किया है.इधर, जदयू के सूत्रों ने इस मुलाकात को एक शिष्टाचार मुलाकात बताया. Also Read - अगर हमारी सीटें ज्‍यादा भी आती हैं, तब भी नीतीश कुमार जी ही हमारे नेता होंगे: बीजेपी अध्‍यक्ष

बता दें, सुशांत सिंह की डेथ मिस्ट्री को सुलझाने के लिए यूं तो देश की बड़ी एजेंसियां लगी हुई हैं लेकिन अभी तक लेकिन अभी तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है. बल्कि जांच बॉलीवुड में ड्रग्स ऐंगल की तरफ मुड़ गई है.इससे पहले सुशांत के परिवार वालों ने भी ये आरोप लगाया था कि जांच किसी अलग दिशा में ही चली गई है. हम बस ये जानना चाहते हैं कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत कैसे हुई. Also Read - Bihar Polls 2020: प्याज की कीमतों को लेकर तेजस्वी का BJP पर हमला- पहले महंगाई 'डायन' थी लेकिन अब...

कुछ दिन पहले एक्टर के पारिवारिक वकील विकास सिंह ने भी जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था- “पूरे बॉलीवुड को क्यों बुलाया जा रहा हैं? जिन्हें आज या कल बुलाया गया है, उन लोगों के पास से उन्हें कुछ बरामद नहीं होने वाला है. एनडीपीएस मामले में सब कुछ मात्रा पर निर्भर करता है, परिवार को लगता है कि यह मुख्य मुद्दे (सुशांत की मौत के मामले) से हटाने के लिए किया जा रहा है.” Also Read - कभी मां नहीं बनेंगी कविता कौशिक बोलीं- अभी हम खाली जगह...

Sushant Singh Rajput Case: CBI, AIIMS Medical Board to Meet on Tuesday, September 22

Sushant Singh Rajput (Photo Courtesy: IANS)

सिंह ने कहा कि एम्स टीम के एक डॉक्टर ने दावा किया कि यह एक हत्या का मामला है. उन्होंने कहा, “एम्स की टीम में डॉक्टरों में से एक का मानना है कि यह गला घोंटने से 200 प्रतिशत मौत का मामला है न कि आत्महत्या. यह सुशांत की बहन मीतू द्वारा क्लिक की गई तस्वीरों के साथ साझा किया गया है.”

उन्होंने कहा, “अगर हत्या का मामला है तो जाहिर है, जांच का तरीका और तेजी अलग होना चाहिए. दुर्भाग्य से परिवार का कोई भी सदस्य सुशांत के साथ नहीं रह रहा था और इसलिए हम नहीं जानते कि वास्तव में क्या हुआ.”

सीबीआई ने बिहार सरकार के अनुरोध पर केंद्र से अधिसूचना मिलने के बाद 6 अगस्त को मामला दर्ज किया था.

सीबीआई की एसआईटी टीम 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले को एजेंसी को सौंपने के एक दिन बाद मुंबई गई थी.