SSR Death Case: एनडीपीएस (NDPS) की विशेष अदालत ने बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के मौत मामले में ड्रग्स कनेक्शन के खुलासे के बाद शुक्रवार को अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती सहित चार अन्य आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है. इसके बाद बचाव पक्ष अब इस मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट जाना चाहता है लेकिन विशेष अदालत ने अभी आदेश की प्रति बचाव को नहीं दी है. एनसीबी द्वारा दिए गए सबूत से यह पता चलता है कि अदालत ने आपराधिक साजिश के आधार पर जमानत देने की बात को खारिज कर दिया है. Also Read - महाराष्‍ट्र के गृह मंत्री ने बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे पर साधा निशाना, दिया ये बड़ा बयान

जमानत याचिका की दो दिवसीय सुनवाई में, दोनों पक्षों ने अदालत के समक्ष अपने तर्क प्रस्तुत किए. रिया और शोविक के वकील, सतीश मननशिंदे ने तर्क दिया कि एनसीबी को आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है, जिन्हें नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 27 ए के तहत गिरफ्तार किया गया है. Also Read - एम्‍स के डॉक्‍टर के मुताबिक, सुशांत की तस्‍वीरें गला दबाने से मौत का इशारा करती हैं: वकील का दावा

उन्होंने यह भी कहा कि रिया को जमानत मिल जानी चाहिए क्योंकि वो अपराधी नहीं, उनकी कथित भूमिका केवल अपने ब्वॉयफ्रेंड के लिए थोड़ी मात्रा में ड्रग्स खरीदने तक ही सीमित थी. Also Read - Video: रणवीर सिंह के साथ गोवा एयरपोर्ट पर नजर आई दीपिका पादुकोण, जांच में 26 को होंगी शामिल

उन्होंने रिया के आवेदन में उल्लेख किया है कि वह NCB द्वारा ‘भ्रामक स्वीकारोक्ति’ करने के लिए बाध्य थी. उन्होंने ये भी कहा कि मुंबई मिरर में प्रकाशित उस रिपोर्ट को भी देखना चाहिए जिसके अनुसार एनसीबी की जमानत याचिका का विरोध करने से पहले अदालत ने विशेष लोक अभियोजक अतुल सर्पांडे के समक्ष क्या कहा था.

जानिए क्यों नहीं दी गई है रिया और शौविक को जमानत…

1. फेडेरर एंटी-मादक पदार्थों की एजेंसी के मुताबिक दर्ज किए गए बयान और  रिकॉर्ड को दिखाते हुए कहा कि रिया मादक दवाओं की खरीद में सक्रिय रूप से शामिल थी. ‘

2. एजेंसी के विवरण से पता चला है कि इन मादक दवाओं को सुशांत के कर्मचारियों से भी सक्रिय रूप से सहायता,ली जाती थी और दवा लेनदेन के लिए पूरी तरह से साजिश रची गई थी और पैसे के लेनदेन के लिए सभी सहायता करते थे.

3. मनशिन्दे के इस तर्क पर कि मामले में गिरफ्तार अन्य लोगों को अदालत ने जमानत दे दी थी और इसलिए, रिया और शोविक को भी छूट दी जा सकती है, सर्पांडे ने अदालत को सूचित किया कि अब्राहिम (जिस ड्रग पेडलर को पहले जमानत मिली थी) के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया था. धारा 27A के तहत गिरफ्तारी में रिया-शोविक के आधार अलग हैं.

4. रिया या शौविक से NCB द्वारा कोई साक्ष्य जब्त नहीं किए जाने के तर्क पर, सर्पांडे ने कहा कि आपराधिक साजिश साबित करने के लिए अभियुक्त से एजेंसी को ‘कुछ वसूल’ करना ‘जरूरी’ नहीं था.

5. सरकारी वकील ने मिड-डे से कहा, “इस मामले में, हमने आपराधिक साजिश के आधार पर जमानत की अर्जी का विरोध किया और यह एक कारण हो सकता है कि इसे खारिज क्यों किया गया.”

बता दें कि रिया को 14 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि शोविक 23 सितंबर तक जेल में रहेगा.