मुंबई: तझे देखा तो ये जाना सनम, तेरी उम्मीद तेरा इंतजार, बस एक सनम चाहिए, मेरा दिल भी कितना पागल है, जैसे ढेरों हिट गाने परोसने वाले गायक कुमार सानू ने अब अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि बाकी जगहों की तुलना में बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद (नेपोटिज़्म) कहीं अधिक मौजूद है.Also Read - Kumar Sanu की होगी इस टीवी शो में एंट्री, सुरों की सजेगी महफ़िल...होंगे कुछ अहम खुलासे

एक दिन में 28 गाने गाने का रिकॉर्ड गिनीज बुक में रिकॉर्ड दर्ज करवाने वाले कुमार सानू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा , “मुझे अभी तक यह विश्वास नहीं हो रहा है कि सुशांत सिंह ने सुसाइड कर लीं. मुझे जहां तक सुनने को मिला वह एक बहुत ही पॉजिटिव इंसान थे, एक बेहतरीन एक्टर थे और बेहद दयालु थे. बहुत कम समय में उन्होंने इतना अच्छा काम किया. बहुत सारी हिट फिल्में दीं. बॉलीवुड में उन्होंने अपनी एक अच्छी जगह बना ली थी. बिहार से आए हुए ऐसे कितने प्रतिभाओं को हमारी इंडस्ट्री ने देखा जैसे शत्रुघ्न साब, मनोज बाजपेयी, शेखर सुमन, उदित नारायण जी हैं और आखिर में सुशांत सिंह राजपूत.” Also Read - The Kapil Sharma Show में Anuradha Paudwal ने किया Udit Narayan की हरकतों का पर्दाफाश, होगी हैरानी

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#ripsushantsinghrajput💔

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सानू आगे कहते हैं, “उम्र में वह मेरे बच्चे की तरह हैं और इस छोटी उम्र में वो बहुत ही अच्छा काम किया. भगवान उनकी आत्मा को शांति दें. मन अभी भी कह रहा है कि काश सुशांत ने ऐसा कदम नहीं उठाया नहीं होता. सुशांत सिंह के निधन से एक अलग ही क्रांति अभी दिखाई दे रहा है. नेपोटिज्म हर जगह है, हमारे बॉलीवुड में थोड़ा ज्यादा है. ये आप हैं, जो हमें बनाते हैं. कौन किसको बनाएगा, कौन किसको इस इंडस्ट्री से निकाल देगा यह तय करना फिल्म बनाने वाले या उपर के लोग तय नहीं कर सकते, ये आपके हाथ में है. सभी कलाकारों को आप ही बनाते हैं.”

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Such a sad news! May his soul Rest In Peace🙏 #sushantsinghrajput

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नवागंतुक कलाकारों को उन्होंने सुझाव देते हुए कहा, “बम्बई आते ही पहले आप कोई जॉब पकड़ लो, उसके बाद आप संघर्ष करो. ऐसा मैंने भी किया है. इससे आपको रहने-खाने की फिक्र नहीं रहेगी. इससे आपको किसी के सामने झूकना नहीं पड़ेगा. आप अपना टैलेंट फिर भरपूर दिखा पाएंगे. उम्मीद करता हूं कि सुशांत सिंह की वजह से आने वाली पीढ़ी को समान काम मिलें और यह मैं कहूंगा कि वह मर कर भी अमर हो गए हैं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दें.”

बता दें की बता दें कि 14 जून 2020 को सुशांत ने अपने बांद्रा स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.