आज बॉलीवुड के लिजेंड्री सिंगर मोहम्मद रफ़ी की पुण्यतिथि है. महज 13 साल की उम्र में गायिकी का सफर शुरू करने वाले रफ़ी का जन्म अमृतसर के पास कोटला सुल्तान में 24 दिसम्बर 1924 को हुआ था. रफ़ी ने अपना पहला गाना फिल्म ‘गांव की गोरी’ के लिए गाया था. जिसे उन्होंने जीएम दुरानी के साथ मिलकर गाया था. Also Read - लता, सचिन के ट्वीट की जांच को लेकर महाराष्ट्र के गृहमंत्री का यू-टर्न , कहा- वो हमारे लिए भगवान की तरह हैं

Also Read - Raj Thackeray VIDEO: राज ठाकरे ने ये क्या कह दिया-सचिन-लता भारत रत्न, अक्षय कुमार का ही करें इस्तेमाल

उन्हें संगीत से काफी ज्यादा प्रेम था भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौरान उनकी पहली पत्नी ने भारत में रुकने से मना कर दिया था लेकिन रफी ने म्यूजिक के खातिर फैसला लिया कि वह मुंबई में रुकेंगे. जिसके बाद वो अपनी पहली पत्नी से अलग हो गए. Also Read - तिरंगे में निकाला गया उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का जनाज़ा, मुंबई में हुए सुपुर्द-ए-खाक, देखिए आखिरी सफर की तस्वीरें

उन्होंने कभी पैसों को अहमियत नहीं दी. उन्होंने 1 रुपए फ़ीस लेकर भी गाना गाया है. अपनी कॉलोनी में आर्थिक तंगी से जूझ रही एक विधवा महिला की मदद वह एक अंजान शख्स बनकर किया करते थे, वो उसे हर महीने पोस्ट ऑफिस से पैसा भेजा करते थे.

एक दौर ऐसा भी आया जब लता मंगेशकर जैसे कई सितारों ने अपनी फीस बढ़ाने की मांग करना शुरू कर दी थी. इस बात से रफी साहब काफी नाराज हो गए और उन्होंने लता मंगेशकर के साथ कभी काम ना करने का फैसला किया था.

रफ़ी साहब से लोगों को कितनी ज्यादा मोहब्बत थी इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके जनाजे में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए थे. इसके साथ ही उनकी मौत पर दो दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित हुआ था.