इस फिल्म पर काफी बवाल हुआ था. सेंसर को आपत्ति थी फिल्म में काफी अश्लीलता परोसी गई है. इस वजह से वे रिलीज के लिए कोई भी सर्टिफिकेट देने के लिए तैयार नहीं हुए. जिसे लेकर फिल्म की पूरी टीम निराश थी.

लेकिन अब खबर है कि ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ को आखिरकार भारत में दिखाने की इजाजत मिल गई है. इस फिल्म को विदेशों में काफी पसंद किया गया. इंडिया में इस फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया जाएगा और इसके कुछ सीन्‍स भी काटे जाएंगे. एक्सक्लूसिव: संस्कारों का बाल भी बांका नहीं कर सकती ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’

फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण (एफसीएटी) ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया है कि फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माई बुरका’ को ‘ए’ प्रमाणपत्र दिया जाए जिसे पहले प्रमाणपत्र देने से सेंसर बोर्ड ने मना कर दिया था. सेक्स सीन की भरमार वाली फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ को सेंसर बोर्ड ने प्रमाणपत्र देने से किया इनकार

एफसीएटी ने निर्देश दिया है कि फिल्म को ‘स्वैच्छिक और कुछ अतिरिक्त कट के साथ तथा दृश्य हटाने के साथ’ प्रमाणपत्र दिया जाए. उन्होंने कहा कि फिल्म में गाली-गलौज वाली भाषा और अंतरंग दृश्य उसकी कहानी का अभिन्न हिस्सा हैं. हालांकि न्यायाधिकरण ने फिल्म के निर्माताओं को कुछ दृश्यों से हिंदी के कुछ शब्दों को म्यूट करने का निर्देश दिया जिनमें तवायफों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द शामिल हैं.

फिल्म की कहानी चार महिलाओं की जिंदगी के इर्दगिर्द घूमती है जो छोटे-छोटे साहसिक काम करके अपनी आकांक्षाओं, सपनों और इच्छाओं के लिए आजादी की मांग करती हैं. दिल्ली के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति मनमोहन सरीन की अध्यक्षता वाले एफसीएटी ने कहा कि सीबीएफसी ने महिला-केंद्रित फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं देकर गलत किया.

 

भाषा के इनपुट के साथ