मुंबई: कैंसर से जूझने के दौरान अभिनेत्री लीजा रे को जिंदगी को करीब से जानने का मौका मिला. खूबसूरती की सही परिभाषा के बारे में बात करते हुए लीजा ने कहा कि अपनी त्वचा में वह खुद को पहले की अपेक्षा कहीं ज्यादा सहज महसूस करती हैं. अपनी किताब ‘क्लोज टू द बोन’ की लॉचिंग के दौरान लीजा ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “पहले की अपेक्षा अभी मैं खुद को अपनी त्वचा में ज्यादा सहज महसूस करती हूं. मुझे लगता है कि 16 साल की अपेक्षा आज 47 साल की उम्र में मैं कहीं ज्यादा खूबसूरत हूं. बेशक, मेरे पास एक खूबसूरत बॉडी थी, लेकिन मैंने अपनी बॉडी को काफी बुरी हालत में भी देखा है जिसके चलते मुझे काफी बुरा लगता था और हमेशा मैं असुरक्षा की भावना से घिरी रहती थी.”

1990 के दशक में बॉम्बे डाइंग के विज्ञापनों में एक मॉडल के तौर पर दिखने के बाद लीजा रातों रात मशहूर हो गईं. इसके बाद साल 2001 में फिल्म ‘कसूर’ से एक अभिनेत्री के रूप में लीजा ने बॉलीवुड में कदम रखा. वह हाल ही में वेब सीरीज ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ में नजर आईं.

लीजा ने कहा, “ब्यूटी इंडस्ट्री में रहने के दौरान कुछ अवास्तविक सौन्दर्य मानकों का समर्थन कर मुझे बुरा लगता था, मैंने अपनी जिम्मेदारियों को समझा है.” अपने हालिया रेड कार्पेट के अनुभवों के बारे में बात करते हुए लीजा ने यह भी कहा कि कलाकारों को कभी भी उनके मेकअप या रूप-रंग को लेकर आंका नहीं जाना चाहिए. आने वाले दिनों में लीजा, ए.आर. रहमान की डेब्यू फिल्म ’99 सॉन्ग्स’ में नजर आने वाली हैं.