वो शख़्स जिसका जीवन देश की आज़ादी के नाम समर्पित रहा. वो शख़्स जिसने मानों जन्म ही मात्र मानव सेवा के लिए लिया था. जिसके जीवन का प्रत्येक क्षण आमजन के लिए समर्पित था और वो महान व्यक्ति जिसके आदर्शों पर देश ही नहीं दुनिया भर के लोगों चलने की कोशिश करते हैं और दुनिया जिसे ‘बापू’ के नाम से जानती है उनकी आज पुण्यतिथी है.

Mahatma Gandhi Special: क्या बापू मैगी खाते थे?

महात्मा गांधी, हमारे राष्ट्रपिता जिसने देश के लिए सबकुछ न्यौछावर कर दिया और अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कराया वो आज़ाद देश में 6 महीने भी सांस न ले सके. नाथूराम गोडसे ने उनका सीना गोलियों से छलनी कर दिया. लेकिन उनकी कही बातें आज भी देशवासियों का मार्गदर्शन करती है.

बॉलीवुड ने भी महात्मा गांधी को नमन करने के लिए शानदार फिल्में बनाई हैं. जिसे दर्शकों और आलोचकों सभी से प्यार मिला. बात करते हैं गांधी पर बनी शानदार 6 फिल्मों के बारे में –

गांधी (1982)

साल 1982 में रिलीज़ हुई फिल्म गांधी को डायरेक्ट किया था रिचर्ड एटनबोर्ग ने और गांधी के किरदार को पर्दे पर उतारा था बेन किंग्सले ने. बेन ब्रिटिश एक्टर थे और हॉलीवुड में बनी इस भारतीय फिल्म ने कई श्रेणियों में ऑस्कर अवॉर्ड जीते थे. बेस्ट एक्टर, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्क्रीनप्ले और बेस्ट पिक्चर समेत यह फिल्म ऑस्कर अवॉर्ड में 11 श्रेणियों में नोमिनेट हुई थी जिसमें से 8 अवॉर्ड अपने नाम किए.

लगे रहो मुन्ना भाई (2010)

इसके बाद सबसे चर्चित फिल्म रही थी लगे रहो मुन्ना भाई. यह फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस की सिक्वल फिल्म थी. मुन्नाभाई एमबीबीएस गांधीगिरी के कॉन्सेप्ट पर आधारित थी जबकि दूसरे पार्ट में गांधी को दर्शाया गया था. यह किरदार मराठी अभिनेता दिलीप प्रभावळकर ने निभाया था जोकि मुन्ना भाई को सपने या भमतिभ्र में दिखाई देते हैं और उन्हें अच्छा करने के लिए मनभावन कहते हैं। चित्रण दोनों अजीब और तीक्ष्ण थे।

हे राम (2000)

कुछ फिल्में ही ऐसी होती हैं जिनमें गांधी के एक अलग रुप में दिखाने की कोशिश की गई हो और हे राम उन्हीं में से एक थी. विभाजन के बाद एक पीड़ित के बदले की कहानी थी. इस फिल्म में कमल हासन ने बेहतरीन अभिनय किया था. वहीं गांधी के किरदार में नसीरुद्दीन शाह ने शानदार काम किया था.

गांधी, माय फादर (2007)

अभिनेता अनिल कपूर की फिल्म गांधी की राजनीतिक पहलू पर नहीं बल्कि निजी जिंदगी पर आधारित थी. यह फिल्म गांधी के बेटे हरिलाल गांधी के रिश्तों पर आधारित थी. इस फिल्म में हरिलाल को इस बात से निराशा थी कि भले ही उनके पिता गांधी राष्ट्रपिता हों लेकिन वो उनके लिए अच्छे पिता साबित नहीं हो पाए. फिल्म में हरिलाल का किरदार अक्षय खन्ना ने जबकि गांधी का किरदार दर्शन जरीवाला ने निभाया था.

सरदार (1993)

यह फिल्म हालांकि स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर आधारित थी लेकिन फिल्म में गांधी जी और पटेल के रिश्तों को बखूबी दर्शाया गया था. जहां पहले पटेल गांधी जी के अहिंसा के तरीके का मज़ाक उड़ाते थे वहीं बाद में वो उनके भाषणों से प्रभावित हुए थे. फिल्म में अनु कपूर ने गांधी का किरदार निभाया था जबकि परेश रावल ने सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार निभाया था.

द मेकिंग ऑफ महात्मा (1996)

निर्देशक श्याम बेनेग्ल की फिल्म गांधी का विषय था गांधी का महात्मा के रुप में तब्दील होना, आखिर किस बात ने गांधी को महात्मा बनाया. इस फिल्म में रजीत कपूर ने युवा गांधी का किरदार निभाया था. यह फिल्म फातिमा मीर की किताब द एपरेंटाइसशिप ऑफ महात्मा पर बनी थी.

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