नई दिल्ली: पूरा देश इस समय कोरोना वायरस जैसी महामारी का सामना कर रहा है लेकिन इस बीच बीते रविवार को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के 20 से अधिक हस्तियों ने CAA प्रदर्शनकारियों के ‘विच हंट’ के लिए दिल्ली पुलिस की आलोचना की. इन हस्तियों में एक्टर्स, स्टैंड अप कॉमेडियंस, डायरेक्टर्स और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं. Also Read - पायल घोष-अनुराग कश्यप यौन शोषण मामले में अब इस दिग्गज भारतीय क्रिकेटर का आया नाम, जानें पूरा मामला

इस समूह ने दिल्ली पुलिस के बर्ताव के खिलाफ एक बयान जारी किया जिसमें सबने अपने हस्ताक्षर भी किए. इनमें महेश भट्ट, अपर्णा सेन, रत्ना पाठक शाह, अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, विशाल ददलानी, नंदिता दास, कोंकणा सेन शर्मा, हंसल मेहता, सुशांत सिंह, मोहम्मद जीशान अय्यूब, नीरज घयवान, अश्विनी चौधरी और अंशु चौधरी जैसे लोग शामिल हैं. इनके साथ अबीश मैथ्यू, आंद्रे बोर्गेस, मल्लिका दुआ, सबा सिंह आजाद, सोहेल तातारी, कुशान नंदी जैसे लोग भी हैं. Also Read - पायल घोष ने पीएम मोदी तक फिर पहुंचाई आवाज़, ट्वीट कर कहा- 'ये माफिया गैंग मुझे मार डालेगा'

यह बयान जामिया मिलिया इस्लामिया के दो छात्रों और उत्तर-पूर्वी दिल्ली इलाकों के कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद जारी किया गया जिन्होंने नागरिगता विधेयक के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अप्रैल के पहले सप्ताह में जामिया के पीएचडी छात्र मीरन हैदर को गिरफ्तार किया था. पीटीआई के अनुसार, विशेष सेल द्वारा लोधी कॉलोनी कार्यालय में बुधवार को तालाबंदी के बावजूद, मीरान को पूछताछ के लिए बुलाया गया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. Also Read - Bigg Boss 14: 'सपना भाभी' को पसंद नहीं लोग उन्हें बी ग्रेड एक्ट्रेस बुलाएं, महेश भट्ट का नाम लेकर बोलीं- ज़रा उन्हें....

हाल ही में, जामिया समन्वय समिति की एक अन्य छात्र और मीडिया समन्वयक सरफूरा ज़रगर को दिल्ली के जाफराबाद इलाके में विरोध प्रदर्शन के आरोप में पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. इन हस्तियों द्वारा जारी किया गया बयान अल्पसंख्यकों की पीड़ा पर गहरा आघात करता हुआ दिखाई दे रहा है. इसमें कहा गया है कि, ‘इन कार्यकर्ताओं को अब दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामलों में फंसाया जा रहा है. एक दंगा जिसमें अल्पसंख्यकों को सबसे अधिक नुकसान हुआ, जीवन और आजीविका दोनों के संदर्भ में उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस का ये रवैया ठीक नहीं है’.

विरोध प्रदर्शन को एक संवैधानिक अधिकार बताते हुए, बयान में कहा गया है, “देश और दुनिया में कई लोगों ने सिटिजनशिप संशोधन अधिनियम की निंदा की थी. सीएए के प्रति हमारा विरोध जारी है, क्योंकि हम इसे एक बड़े कानून के रूप में देखते हैं जो हमारे देश केधर्मनिरपेक्ष ताने-बाने पर प्रहार करता है. हम इस ‘विच हंटिंग’ की निंदा करते हैं.”

बयान में दिल्ली पुलिस से यह भी आग्रह किया गया है कि देश में लागू लॉकडाउन का दुरूपयोग करना बंद किया जाना चाहिए और इस जिन लोगों की गिरफ़्तारी हुई है उन्हें जल्द से जल्द रिहा भी करना चाहिए.