अभिनेत्री माहिरा खान ने छह वर्ष बाद पाकिस्तान लौटीं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई का स्वागत किया है. माहिरा ने मलाला को ‘बेबी गर्ल’ कहकर संबोधित किया. माहिरा ने गुरुवार सुबह ट्वीट किया, “बेबी गर्ल मलाला का घर में स्वागत है.” मलाला गुरुवार को अपने मुल्क पाकिस्तान लौटी हैं. छह वर्ष पहले लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने के लिए तालिबानी आतंकवादियों ने उनके सिर पर गोली मार दी थी. ‘जियो’ के मुताबिक, मलाला लंदन से बीती रात करीब 1.41 बजे अपने माता-पिता के साथ इस्लामाबाद पहुंची.Also Read - Punjab: भारत-पाकिस्तान सीमा के पास हथियारों का बड़ा जखीरा मिला, एक किलो हेरोइन बरामद

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नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित 

मलाला प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण शख्सियतों से मुलाकात कर सकतीं हैं. वर्ष 2014 में मलाला को भारत के बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले कैलाश सत्यार्थी के साथ नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. स्वात घाटी की रहने वाली मलाला को प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने गोली मार दी थी जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पाकिस्तान से बर्मिघम भेज दिया गया था. मलाला ने ठीक होने के बाद लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक आंदोलन की घोषणा की.

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स्‍कूल बस में चढ़कर आतंकियों ने पूछा था ‘कौन है मलाला’?

2012 में तालिबानी हमले के बाद इंग्लैंड में रह रहीं मलाला युसुफजई 6 साल बाद पहली बार अपने मुल्क लौटी हैं. अक्टूबर 2012 में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात की घाटी में जब मलाला अपनी साथियों के साथ स्कूल जा रही थीं, तभी तालिबानियों ने बस रोक लिया था. एक बंदूकधारी ने बस में चढ़कर बच्‍चों से पूछा, ‘कौन है मलाला’. किसी बच्‍चे ने जवाब नहीं दिया.बस सभी मलाला को देखने लगे. आतंकी समझ गया कि मलाला कौन है. उसने मलाला को गोली मारी, जो उनके सिर में लगी.इसके बाद मलाला को अस्‍पताल पहुंचाया गया. वो बच गईं. पर इस घटना के बाद वे मानव अधिकारों की ग्लोबल सिंबल बन गईं.

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हमेशा क्लास में फर्स्ट करती थीं मलाला

मलाला पर तालिबानी हमले के बाद उनके स्कूल के एक टीचर ने बातचीत के दौरान बताया, ‘मलाला जब ढाई साल की थी तभी से अपने पिता के स्कूल में अपने से 10 साल बड़े बच्चों के साथ बैठा करती थी. वो बोलती कुछ नहीं थी बस टुकुर-टुकुर सबकुछ निहारा करती. स्वात घाटी में अपने स्कूली जीवन के दौरान मलाला हमेशा अपनी कक्षा में फर्स्ट करती रहीं. वह एक साधारण सी दिखने वाली लड़की थीं जिसे कभी इस बात का अनुमान नहीं था कि वो इतनी खास बन जाएंगी.’

(इनपुट आईएनएस)

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