हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार (Manoj Kumar) आज अपना 83 वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को ऐबटाबाद (पाकिस्तान) में हुआ था. मनोज कुमार ने ज्यादातर देशभक्ति फिल्में की हैं इस वजह से लोग उन्हें भारत कुमार कहकर पुकारने लगे. मनोज कुमार ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत डायरेक्टर लेखराज भाकरी की 1957 में आई फिल्म ‘फैशन’ से की थी. लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं कि लेखराज भाकरी असल जिंदगी में मनोज के कजिन थे. Also Read - तांडव के बाद नई वेब सीरीज़ में मर्डर मिस्ट्री सुलझाते नज़र आएंगे Sunil Grover, इस दिन रिलीज़ होगी Sunflower

एक इंटरव्यू में मनोज कुमार ने बताया था जब लगातार विफलताओं से हताश होकर अमिताभ बच्चन मुंबई छोड़कर अपने मां-बाप के पास दिल्ली वापस जा रहे थे तब उन्होंने अमिताभ को रोका और अपनी फिल्म ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ में मौका दिया. Also Read - लॉकडाउन से इस कदर परेशान हुए एक्टर Vijay Varma, घर ले आए नई बीवी!

जिंदगी का एक बड़ा रोचक किस्सा है कि 1962 में फिल्म हरियाली और रास्ता की शूटिंग चल रही थी जिसमें मनोज कुमार के अपोजिट माला सिन्हा थी. फिल्म का कुछ हिस्सा दार्जिलिंग में शूट हुआ था. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि माला सिन्हा मनोज कुमार पर बरस पड़ी और उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई. Also Read - Deepak Tijori की बेटी Samara हुस्न से तबाही मचाने को तैयार, 13 साल की उम्र में हो गई थीं Kidnap

Manoj Kumar

Manoj Kumar

दरअसल, शूटिंग शुरू होने से पहले क्रू मेंबर्स को ब्रेकफास्ट मिलता था. इन दोनों स्टार्स के लिए भी नाश्ता आया था जिसमें अंडे भी थे. एक दिन जब मनोज खाना खा रहे थे तो किसी ने उनसे अंडों के बारे में पूछा तो मनोज कुमार ने कहा ये अंडे माला सिन्हा के हैं. बस जब मनोज कुमार के मुंह से माला सिन्हा ने सुना कि ये अंडे माला सिन्हा के हैं तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया. ‘ये अंडे मेरे हैं क्या…..मैं अंडे देती हूं.’ माला की डांट सुनकर मनोज कुमार नर्वस हो गए. उन्हें समझ नहीं आया कि माला को कैसे समझाए कि उनका ये मतलब नहीं था. लेकिन जब माला ने उन्हें शूटिंग के वक्त उदास देखा तो कहा- ‘मैं तो मजाक कर रही थी. मैं जानती हूं आपका ये कहने का मतलब नहीं था.’ तब जाकर मनोज कुमार कहीं शांत हुए.

मनोज कुमार को साल 1992 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था. इसके साथ ही उन्हें हिंदी सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के अवॉर्ड भी मिल चुका है. उन्होंने देशभक्ति वाली काफी फिल्में की और उनकी ज्यादातार फिल्मों में उनके किरदार का नाम भारत रखा गया, इसके कारण लोगों के बीच वो ‘भारत कुमार’ के नाम से फेमस हो गए.