फिल्म ‘रोड टू संगम’ के निर्देशक अमित राय तीन तलाक पर आधारित थ्रिलर ‘मंसूबा’ पर काम कर रहे हैं. अडिवा फिल्म्स द्वारा निर्मित, ‘मंसूबा’ में दिखाया जाएगा कि किस तरह तीन तलाक पीड़ित सामाजिक अराजकता की शिकार बन जाती हैं. अमित राय ने कहा, “मंसूबा देश के सामाजिक ताने-बाने के कमजोर पड़ने को रेखांकित करता है. यह सच्चाई का एक परिपूर्ण संस्करण भी प्रस्तुत करता है क्योंकि सच विषम रूप से विकृत हो जाता है, इससे छेड़छाड़ की जाती है और फिर अचानक उसका रूप बदल जाता है.”

फिल्म के कलाकारों के बारे में सह-निर्माता वीरेन थंबिडोराई ने कहा, “हम फिल्म के लिए ए-लिस्ट कलाकारों को चुनेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि फिल्म अपने प्रभाव के साथ दर्शकों तक पहुंच जाए.” फिल्म की निर्माता एवं लेखिका नगमा ए कय्यूम ने कहा कि ‘मंसूबा’ स्तब्ध करने वाली और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म है. साथ ही यह अच्छा और मजबूत विषय आधारित सिनेमा बनाने की हमारी कोशिश का भी हिस्सा है.

कुछ समय पहले फिल्म एक्ट्रेस और सोशल वर्कर शबाना आजमी ने कहा कि तीन तलाक का नियम मुस्लिम महिलाओं का शोषण करने के लिए बनाया गया था और ये हमारे संविधान के खिलाफ है. ऐसे में सरकार ने जो कानून बनाया है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए. शबाना ने कहा कि आज पूरे विश्व में 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों में से 24 इस्लामिक देशों में तीन तलाक को अपने संविधान से निकालकर बाहर फेंक दिया है.

इसके अलावा शबाना आजमी ने कहा, “भारत सेक्युलर देश है और संविधान ने यहां सबको अधिकार दिया है. तीन तलाक बीते कई दशकों से मुस्लिम महिलाओं का शोषण करता चला आ रहा था और जो कानून महिलाओं का शोषण करे, उसे हम लोग हरगिज बर्दाश्त नहीं कर सकते.