#Metoo का कैंपेन के तहत आलोक नाथ (Alok Nath)पर प्रोड्यूसर विनता नंदा ने फेसबुक पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर सीनियर एक्टर आलोक नाथ पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. जिसके बाद आलोक की पत्नी आशु सिंह ने विनता पर मानहानि का मुकदमा किया था. आशु की कोर्ट से दरख़ास्त की विनता को इस मामले में किसी भी प्लेटफॉर्म पर बोलने की इजाजत नहीं दी जाए. ये अपमानित करने वाली हरकत है. शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई के बाद कोर्ट इस याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि विनता को कहीं भी अपनी बात रखने का अधिकार है. इससे पहले आशु ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि इस आरोप के बाद उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है. लोग उन्हें गलत नज़र से देखते हैं जिस वजह से उन्हें बहुत शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है.

क्या था मामला?
नंदा के वकील ने सोमवार को कहा था कि उनकी मुवक्किल यौन उत्पीड़न के खिलाफ अपनी लड़ाई में निडर बनी रहेंगी, चाहे उन्हें मानहानि मुकदमे का सामना ही क्यों न करना पड़े. अपने साथ हुए सबसे बुरी घटना का जिक्र करते हुए नंदा ने कहा कि एक बार वह आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई और वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकलीं. उनके ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था.नंदा ने कहा, “मैं घर जाने के लिए खाली सड़क पर पैदल ही चलने लगी. रास्ते में उस शख्स ने गाड़ी रोकी, जो खुद चला रहा था और कहा कि मैं उनकी गाड़ी में बैठ जाऊं, मुझे घर छोड़ देगा. मैं उस पर विश्वास करके गाड़ी में बैठ गई.”

नंदा ने कहा, “इसके बाद मुझे बेहोशी सी छाने के चलते हल्का-हल्का याद है. मुझे याद है कि मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई. अगले दिन जब दोपहर को मैं उठी, तो मैं काफी दर्द में थी. मेरे साथ सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं किया गया था बल्कि मुझे मेरे घर ले जाकर मेरे साथ नृशंस व्यवहार किया गया था.”

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