31 मार्च 2020 को 48 साल हो गए मीना कुमारी, ट्रेजिडी क्वीन को दुनिया से अलविदा कहे हुए. लेकिन आज भी याद आती हैं. जिंदगी भर अपने जन्म को कोसती रहीं. जब जन्म लिया तो पिता अनाथलाय छोड़ आए. बेटा चाहते थे, हो गई बेटी. जब देखा मीना का रो-रोकर बुरा हाल है, तब जाकर घर लाए. गजब की खूबसूरत थी मीना कुमारी लेकिन किस्मत भी इतनी ही खूबसूरत होती तो बात ही क्या थी. मीना कुमारी के जीवन की दर्दभरी और चटकारे लेकर सुनने वाली ढेरों कहानियां हैं, लेकिन यह उनका हुनर ही था, जिसकी बदौलत वह आज भी सराही जाती हैं, याद की जाती हैं. उनकी फिल्में, गाने, कविताएं, शेर, गजल, आप जैसे चाहें मीना कुमारी को याद कर सकते हैं. Also Read - भगवान के दूत हैं सलमान खान! राखी सावंत की मां के इलाज के लिए की मदद...रो पड़ीं एक्ट्रेस

फाइल फोटो

एक पर्स ने बिगाड़ दिया कमाल के साथ रिश्ता
दिल्ली प्रेस की ‘सरिता’ पत्रिका में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, मीना कुमारी और कमाल अमरोही ने एक-दूसरे के साथ प्रेम किया. एक-दूसरे को चाहा और शादी भी कर ली. लेकिन यह पुरुषवादी मानसिकता थी या सामाजिक रूढ़ियां, फिल्मी दुनिया की यह कमाल की हसीन जोड़ी, एक साथ सुखी जीवन न बिता सकी. सरिता में छपा एक किस्सा, दोनों के प्रेम के बीच ‘फूट’ पड़ने के किस्से को बयां करता है. हुआ यूं था कि वर्ष 1955 में फिल्म ‘परिणीता’ के लिए मीना कुमारी को फिल्मफेयर का पुरस्कार मिलना था. कमाल अमरोही और मीना कुमारी एक ही साथ दर्शक दीर्घा में बैठे थे. मीना कुमारी स्टेज पर अवार्ड लेने गईं तो अपना पर्स कुर्सी पर ही भूल गईं. स्टेज से उतरकर वह सीधा अपने घर चली गईं. बाद में अभिनेत्री निम्मी ने वह पर्स मीना कुमारी को जाकर दिया. मीना ने इस पर कमाल से पूछा कि आपको मेरा पर्स नजर नहीं आया? यह सुनकर कमाल अमरोही बोले- मैंने पर्स देखा था, पर उठाया नहीं. क्योंकि आज मैं तुम्हारा पर्स उठाता, कल जूते. कहते हैं इसी प्रकरण के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी. Also Read - किस्सा: बेपनाह थी मोहब्बत! एक ही टूथ ब्रश यूज़ करते थे काका और टीना मुनीम, और फिर उस दिन....

फाइल फोटो

कविता, गजल और शराब में डूब गईं मीना
कहते हैं, कमाल अमरोही के साथ प्रेम और शादी करना मीना कुमारी की अपनी पसंद का काम था. लेकिन यह भी एक हैरानी की ही बात है कि दो प्रेम करने वालों के बीच इतनी दूरी बन गई कि तीन तलाक की नौबत तक आ पहुंची. कमाल अमरोही के तलाक देने के बाद मीना कुमारी का जीवन एक तरह से बेपटरी हो गया था. हालांकि इसके बावजूद वह फिल्में करती रहीं, लेकिन लोग बताते हैं कि पति से अलग होने के बाद उनके जीवन में फिर वह रौनक कभी नहीं आ सकी, जिसके ख्वाब मीना कुमारी ने सजाए थे. मीना कुमारी को शेर-ओ-शायरी करना, गजलें लिखने का शौक था. कमाल से तलाक के बाद वो अक्सर गजलें लिखा करती थीं. सरिता पत्रिका के अनुसार, 1964 में जब कमाल अमरोही ने उन्हें तलाक दिया, तो मीना ने लिखा, ‘तलाक तो दे रहे हो नजर-ए-कहर के साथ, जवानी भी मेरी लौटा दो मेरे मेहर के साथ.’ Also Read - राष्ट्रीय पुरस्कार फिल्म निर्माता सुमित्रा भावे का पुणे में निधन