बॉलीवुड के संस्कारी बाबूजी आलोक नाथ इन दिनों यौन शोषण के आरोपों के चलते अदालत के चक्कर लगा रहे हैं. लेखक-निर्देशक विंता नंदा द्वारा दायर कथित दुष्कर्म मामले में अभिनेता आलोक नाथ को एक अदालत ने शनिवार को अग्रिम जमानत दे दी. आधिकारिक सूत्र ने कहा कि डिंडोशी की शहर दिवानी एवं सत्र न्यायालय ने नंदा की एफआईआर के बाद गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करने वाली आलोक की याचिका पर सुनवाई की. Also Read - अनुराग कश्यप का समर्थन में आगे आईं एक्ट्रेस तापसी पन्नू, पायल घोष के आरोपों पर कही ये बात

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नंदा ने दावा किया था कि आलोक नाथ ने 19 साल पहले उनके साथ दुष्कर्म किया था. पीड़िता ने पिछले साल 17 अक्टूबर को ओशिवरा पुलिस थाने में नाथ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आलोक नाथ ने दंडाधिकारी न्यायालय में नंदा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. आलोक ने पीड़िता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया था और क्षतिपूर्ति के रूप में एक रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था. Also Read - SSR Case: Me Too के आरोप से बिखर गए थे सुशांत, 4 दिन तक सोए नहीं थे, डायरेक्टर ने किए कई खुलासे

इसके साथ ही उन्होंने नंदा से लिखित माफी की भी मांग की थी. अपने साथ हुए सबसे बुरी घटना का जिक्र करते हुए नंदा ने बताया कि एक बार वह आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई और वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकलीं. उनके ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था.नंदा ने कहा, “मैं घर जाने के लिए खाली सड़क पर पैदल ही चलने लगी. रास्ते में उस शख्स ने गाड़ी रोकी, जो खुद चला रहा था और कहा कि मैं उनकी गाड़ी में बैठ जाऊं, मुझे घर छोड़ देगा. मैं उस पर विश्वास करके गाड़ी में बैठ गई.”

नंदा ने कहा, “इसके बाद मुझे बेहोशी सी छाने के चलते हल्का-हल्का याद है. मुझे याद है कि मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई. अगले दिन जब दोपहर को मैं उठी, तो मैं काफी दर्द में थी.

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(एजेंसी इनपुट के साथ)