मुम्बई: हॉलीवुड से शुरू हुआ #MeToo आंदोलन भारत में एक क्रांति की तरह से फ़ैल रहा है. आजकल महिलाएं रोजाना आगे आकर अपने साथ हुए उत्पीड़न का अनुभव साझा कर रही हैं. तनुश्री दत्ता से शुरू हुआ यह अभियान केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर, विनोद दुआ से लेकर कई नामचीन लोगों को एक्सपोज कर रहा है.Also Read - Ira Khan का हेटर्स को करारा जवाब- फिर शेयर की बिकिनी तस्वीरें, लिखा- 'ट्रोलिंग पूरी हो गई हो तो बर्थडे की कुछ और Pics...'

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#MeToo को साथ मिला

इसी क्रम में भारतीय फिल्म उद्योग से महिला फिल्मकारों ने यौन उत्पीड़न की अपनी कहानियों को साझा करने वाले लोगों का समर्थन करने और दोषी साबित होने वाले किसी के साथ भी काम नहीं करने का फैसला किया है. कोंकणा सेना शर्मा, नंदिता दास, मेघना गुलजार, गौरी शिंदे, किरण राव, रीमा कागती और जोया अख्तर जैसी कई निर्देशक उन 11 महिला फिल्म निर्माताओं में शामिल हैं जिन्होंने भारत के #MeToo अभियान को अपना समर्थन देने की प्रतिबद्धता जाहिर की है.

निर्देशकों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है,‘महिला और फिल्म निर्माताओं के रूप में, हमने #MeToo इंडिया अभियान को अपना समर्थन देने का फैसला किया है. हम उन महिलाओं के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं जो यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर पूरी ईमानदारी के साथ आगे आई हैं.

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बयान में कहा गया है, हम कार्यस्थल में सभी के लिए एक सुरक्षित और समान वातावरण बनाने में मदद के लिए जागरूकता फैलाने के लिए यहां हैं. हमने दोष साबित होने वाले लोगों के साथ काम न करने का भी रूख अपनाया है. हम उद्योग में अपने सभी सहकर्मियों से भी ऐसा करने के लिए आग्रह करते हैं. महिला फिल्म निर्माताओं की इस सूची में अलंकृता श्रीवास्तव, नित्या मेहरा, रूचि नारायण और सोनाली बोस शामिल हैं. (इनपुट एजेंसी)