पिता और पद्मभूषण से सम्मानित चित्रकार जतिन दास पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री नंदिता दास (Nandita Das)  ने कहा है कि वह ‘मी टू’ का समर्थन करती हैं और उन्होंने भरोसा दिलाया कि सच्चाई की जीत होगी. नंदिता ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, “मैं ‘मी टू’ की मजबूत समर्थक हूं और दोहराना चाहूंगी की पिता पर लगे आरोपों के बाद भी अपनी आवाज उठाऊंगी, जिसे उन्होंने स्पष्ट रूप से नकारा है.” Also Read - भतीजी के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी के भाई शमास ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'सच जल्द आएगा सामने'

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उन्होंने लिखा, “मैं शुरुआत से इस बात पर जोर दे रही हूं कि यह समय महिलाओं (और पुरुषों) को खुलकर बोलने और सुरक्षित महसूस करवाने का है, साथ ही आरोपों की सच्चाई भी महत्वपूर्ण है. मेरा अजनबियों और दोस्तों से स्पर्श हुआ है, जो चिंतित हैं और मेरी ईमानदारी पर भरोसा करते हैं.” Also Read - सुभाष घई पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाने के बाद चर्चा में आई थीं यह TV एक्ट्रेस 

संरक्षणवादी कार्यकर्ता निशा बोरा ने मंगलवार को जतिन दास पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. बोरा ने कहा कि जतिन ने अपने खिड़की गांव स्थित स्टूडियो में 2004 में उनका यौन उत्पीड़न किया था. जतिन ने इन आरोपों को हास्यास्पद और अशिष्ट करार दिया है और झूठा बताया है.

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क्या हुआ था उस दिन?

निशा बोरा ट्वीट किया, “मैं जतिन से उनके स्टूडियो में खिड़की गांव में मिली थी. दूसरी बात जो मैं जानती हूं वह यह कि उन्होंने मुझे पकड़ने की कोशिश की थी. मैं घबराकर उनसे दूर हो गई. इसके बाद उन्होंने फिर ऐसा करने की कोशिश की. इस बार वह भद्दे तरीके से मेरे होठों को चूमने में कामयाब रहे.” बोरा एलरहिनो पेपर की सह संस्थापक है. यह संगठन असम में स्थित है, जो गैंडो और हाथी के गोबर से हैंडमेड पेपर बनाता है.

बोरा ने कहा कि वह जतिन दास से 2004 में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मिली थीं. उस समय बोरा की उम्र 28 साल थी. बोरा ने कहा, “मैं आज भी उनकी दाढ़ी की चुभन महसूस करती हूं. मैं उन्हें (जतिन दास) धक्का देकर दूर हो गई. उस समय उन्होंने मुझसे कहा था कि आओ भी, अच्छा लगेगा. यह ऐसा ही कुछ.” बोरा ने कहा, “मेरा मानना था कि इस बारे में बात करने से दिक्कत पैदा होगी. मुझे लगता था कि उस मुसीबत के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं और मुझे ही उससे निपटना है. मैं खुद को दोषी और शर्मिंदा महसूस करती थी.”

बोरा ने कहा कि वह जतिन दास की बेटी फिल्म निर्माता और अभिनेत्री नंदिता दास से छोटी थीं. बोरा (42) का कहना है कि यौन उत्पीड़न की शिकार हो चुकीं महिलाओं की कहानियों को सुनकर उनके छिपे हुए घाव उभरकर सामने आ गए. जतिन दास इन आरोपों का खंडन किया और इसे हास्यास्पद और झूठा बताया है. दास ने कहा, “यह भयावह है. इससे ज्यादा मैं क्या कह सकता हूं. यह बहुत ही घटिया है.” उन्होंने बोरा को पहचानने से भी इनकार कर दिया.

जतिन दास (76) ने कहा, “अगर आप सैंकड़ों लोगों से मिलते हैं और जब कोई इस तरह के आरोप लगाता है तो यह बहुत घटिया है. उन चेहरों को याद रखना बहुत मुश्किल है, लेकिन कोई इस हद तक नहीं गिर सकता.”

(इनपुट आईएनएस)

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