साउथ इंडियन आर्टिस्ट एसोसिएशन के महासचिव और तमिल फिल्म निर्माता परिषद के अध्यक्ष, तमिल स्टार विशाल कृष्ण ने #Metoo मूवमेंट पर अपने विचार रखे हैं. उन्होंने कहा, ”भारत में विभिन्न फिल्म इंडस्ट्री के अंदर होने वाले यौन उत्पीड़न को खत्म करने के लिए वह अपने साथी कलाकारों के साथ कई तरह से काम कर रहे हैं.

विशाल ने कहा, “चाहे वे तमिल हो, तेलुगू हो, मलयालम हो या कन्नड़, सभी कार्यस्थलों को अभिनेत्रियों की सुरक्षा और सहजता के अनुरूप बनाना होगा. नौकरियां खोने के डर को रोका जाना चाहिए. लड़कियों को केवल काम पाने के लिए हार नहीं माननी चाहिए.” उन्होंने कहा कि महिलाओं को मनोरंजन जगत में काम करते वक्त सुरक्षित महसूस होना चाहिए.

विशाल ने कहा, “और मैं सिर्फ तमिल या तेलुगू जगत के बारे में बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि भारत में सभी फिल्म इंडस्ट्री के बारे में बोल रहा हूं, चाहे वे तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ हो या भोजपुरी. फिल्म के सेट पर या सेट से परे, जहां भी उत्पीड़न होता है, वहां महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने के मुद्दे पर सभी को एक होना चाहिए.”

विशाल ‘मी टू’ अभियान के पूर्ण समर्थन में हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि यह मुद्दा निजी एजेंडे के साथ उलझ गया है. उन्होंने कहा, “‘मी टू’ यौन उत्पीड़कों को बेनकाब करने की इच्छा के साथ शुरू हुआ था. लेकिन कहीं न कहीं इस अभियान को निजी स्वार्थ ने हाईजैक कर लिया है. हम एक ऐसी जगह पर आ गए हैं, जहां हर किसी के पास एक हथियार है कि अगर उससे किया वादा पूरा नहीं हुआ या उसे वह किरदार देने से इंकार कर दिया तो वह बदला लेने के लिए आगे आ रहे हैं.”

विशाल ने कहा, “यह एक ऐसे चरण पर आ गया है, जहां मुझे लगता है कि कहीं मैं किसी रोज अपना नाम बदनाम होता हुआ सुनकर उठूं. शक, संदेह और डर के इस माहौल को रोका जाना चाहिए.”

(इनपुट आईएएनएस)