मुंबई : हिंदी फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री मौसमी चटर्जी अपनी बेटी से अब आसानी से मिल पाएंगी. महीनों से बीमार और फिलहाल कोमा में उनकी बेटी अपने पति के साथ रहती है. मौसमी ने बंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि दामाद उन्हें बीमार बेटी से मिलने नहीं दे रहा. उन्होंने बेटी के इलाज और देखरेख पर भी सवाल उठाए थे.

बंबई हाई कोर्ट ने मौसमी चटर्जी द्वारा दायर उस याचिका को निस्तारित कर दिया जिसमें मांग की गई थी कि कोमा में चल रही बेटी पायल का उन्हें और उनके पति को अभिभावक बनाया जाए. पायल के पति डिकी सिन्हा ने न्यायमूर्ति बी पी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की पीठ के समक्ष एक हलफनामा दाखिल कर कहा कि उनका परिवार चटर्जी को उनकी बेटी से मिलने या उसकी देखभाल करने से नहीं रोकेगा. इसके बाद अदालत ने अभिनेत्री की याचिका का निस्तारण कर दिया.

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चटर्जी और उनके पति जयंत मुखर्जी ने इस सप्ताह के शुरू में अदालत में याचिका दायर कर अनुरोध किया था कि उन्हें बेटी का अभिभावक नियुक्त किया जाए और उसकी देखभाल करने की इजाजत दी जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के कोमा में रहने के दौरान सिन्हा उन्हें बेटी को देखने से भी रोक रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि पायल बचपन से ही मधुमेह से ग्रस्त हैं. याचिका में कहा गया कि पायल की शादी 2010 में कारोबारी डिकी सिन्हा से हुई थी. वह अप्रैल 2017 के बाद कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुकी हैं और फिलहाल वह कोमा में हैं. इसमें कहा गया कि उन्हें 28 अप्रैल 2018 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और घर पर ही देखभाल की जा रही है. डॉक्टरों ने उन्हें फिजियोथैरेपी कराने को कहा था. याचिका में कहा गया कि पिछले कुछ महीनों में फिजियोथैरेपी नहीं हो रही थी.