भारतीय संगीत की दुनिया के मशहूर दिग्गज कैलाश खेर का कहना है कि रविवार को दिल्ली के मयूर विहार यानी अपने होमग्राउंड में अपने लोगों के लिए गाना उनके लिए भावनात्मक और बीते दिनों की याद दिलाने वाला होगा. मयूर विहार को उन्हें अपने बुजुर्गों की भूमि बताया. ‘तेरी दीवानी’ और ‘अल्लाह के बंदे’ जैसे हिट गीत गा चुके कैलाश खेर दिल्ली सरकार के सांस्कृतिक विंग, साहित्य कला परिषद द्वारा आयोजित 3 दिवसीय ‘मयूर उत्सव’ के अंतिम दिन प्रस्तुति देंगे.

यह मयूर विहार फेस 1, 2 और 3 में आयोजित होगा, जिसे मशहूर गायक ने अपनी पैतृक भूमि बताया. इस स्थान से उनकी कुछ अच्छी और बहुत-ही शानदार यादें जुड़ी हैं. उन्होंने कहा, “मैं इस भूमि से हूं. मयूर विहार में मेरा पैतृक घर है. मेरी सभी अच्छी और बहुत अच्छी यादें यहां से जुड़ी हैं.” खेर ने यह भी कहा कि कलाकार प्रकृति का हिस्सा हैं और इस प्रकार वे ‘इसकी मिट्टी और आत्मा’ से जुड़े होते हैं.


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उन्होंने कहा, “यहां तक कि अगर हम आसमान भी छू लें, तो भी खुद की जड़ नहीं उखाड़ सकते. कोई कितना भी बड़ा हो, अपने बड़ों से बड़ा नहीं होता. ये मेरे बड़ों की धरती है. अपने होमग्राउंड में अपने लोगों के लिए गाना भावनात्मक और बीती यादें ताजा करने वाला है.” कैलाश खेर मयूर विहार के पूर्व विनोद नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मयूर उत्सव में प्रस्तुति देंगे.

(इनपुट आईएएनएस)