फ्रांस में इस्लाम के नाम पर हाल के दिनों में हुई घटनाओं की नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah), जावेद अख्तर (Javed Akhtar), शबाना आजमी, स्वरा भास्कर, प्रशांत भूषण समेत 100 से अधिक नामी हस्तियों ने निंदा की और संयुक्त बयान जारी किया. संयुक्त बयान में बुद्धिजीवियों ने फ्रांस में हुए हमलों की निंदा की और कुछ मुस्लिम धार्मिक और राजनीतिक नेताओं के जरिए दिए गए अपमानजनक बयानों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने फ्रांस में भीषण हत्याओं को तर्कसंगत होने की बात कही थी.Also Read - Defamation Case: कंगना रनौत मुंबई की कोर्ट में पेश हुईं, जावेद अख्तर ने दायर किया था मामला

अपने बयान में बुद्धिजीवियों ने कहा, ‘हम दूसरे अपराध को सही ठहराने के लिए दूसरे के अपराध को कारण बताने के तर्क को स्वीकार नहीं करते. दो गलत कार्य मिलकर कभी सही नहीं हो सकते. हम मजहब के नाम पर किसी भी हिंसा की आलोचना करते हैं. कोई भी मजहब, संत, पैगंबर या देवी-देवता हिंसा की वकालत नहीं करते.’ Also Read - हिंदू दुनिया में सबसे ज्यादा सहिष्णु, मैं मुस्लिम और हिंदू चरमपंथियों का विरोधी: जावेद अख्तर

बता दें कि फ्रांस में इस्लाम के नाम पर दो अलग-अलग घटनाओं में चाकू मारकर 4 लोगों को मौत के घात उतार दिया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रां ने इन हमलों को इस्लामिक टेरर अटैक बताया है. भारत समेत दुनिया के कई मुस्लिम देशों के मुसलमान मैक्रां की इस टिप्पणी का विरोध करते हुए इन हत्याओं को जायज ठहराने में लगे हैं. Also Read - जावेद अख्तर ने हिंदुओं को बताया सहिष्णु बहुसंख्यक, बोले- भारत अफगानिस्तान नहीं बन सकता

उधर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रां ने शनिवार को कहा कि वह पैगंबर मोहम्मद के कार्टून से क्षुब्ध मुसलमानों का सम्मान करते हैं, लेकिन यह हिंसा के लिए बहाना नहीं हो सकता है. मैक्रों ने अल जजीरा को इंटरव्यू दिया है, जिसे शनिवार को प्रसारित किया गया. मैक्रों ने कहा कि फ्रांस हिंसा के सामने नहीं झुकेगा और कार्टून के प्रकाशन सहित स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार का बचाव करेगा.

(इनपुट: PTI)