दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का कहना है कि 50 वर्षो के भीतर भविष्य कंप्यूटर और वेब के साथ जुड़ेगा और सिनेमाघर म्यूजियम में देखने की वस्तु मात्र रह जाएंगे. नसीरुद्दीन शाह ने कहा, “भविष्य के सिनेमाहॉल को वे कंप्यूटर और वेब के रूप में देखत हैं. मुझे लगता है कि 50 वर्षों के भीतर, सिनेमाहॉल महज म्यूजियम बनकर रह जाएंगे. लोग यह देखने जाएंगे कि कैसे इतने सारे लोग एक साथ बैठकर पॉपकॉर्न खरीदते थे और यहां पर्दे पर फिल्म दिखाई जाती थी.”

उन्होंने कहा, “और उस समय के लोग हैरान होंगे कि हजारों लोग एक साथ फिल्म देखने के लिए आते थे. यह एक त्रासदी है, फिल्में एक सांप्रदायिक अनुभव हैं, और अधिक से अधिक व्यक्तिगत बन रही है.” उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगले 100 वर्षो में बच्चे अपने सिर में टेलीफोन लगाकर पैदा होंगे. नसीरुद्दीन इन दिनों उन्हें जेईई 5 पर डिजिटल शो ‘जीरो केएमएस’ में नजर आ रहे हैं.

नसीरुद्दीन शाह, जिन्हें हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अदाकारी का एक पैमाना कहा जाए तो शायद ही किसी को एतराज हो. नसीर की काबिलियत का सबसे बड़ा सुबूत है, सिनेमा की दोनों धाराओं में उनकी कामयाबी. नसीर का नाम अगर पैरेलल सिनेमा के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं की सूची में शामिल हुआ तो बॉलीवुड की मुख्य धारा या व्यापारिक फिल्मों में भी उन्होंने बड़ी कामयाबी हासिल की है.

नसीर अपने शानदार अंदाज से मुख्य धारा के चहेते सितारे बन गए, ऐसा सितारा जिसने हर तरह के किरदार को बेहतरीन अभिनय से जिंदा कर दिया. ये सितार जब भी स्क्रीन पर आया देखने वाले के दिल पर उस किरदार की यादगार छाप छोड़ गया. उसकी कॉमेडी ने पब्लिक को खूब गुदगुदाया तो एक्शन में भी उसका अलग ही अंदाज नजर आया.