हिंदी फिल्मों की मशहूर अदाकारा, टेलीविजन अभिनेत्री, फिल्म निर्देशक और निर्माता के तौर पर पहचानी जाने वाली नीना गुप्ता बॉलीवुड का जाना-माना नाम हैं। वह अपने हॉट फोटोशूट, प्रेम प्रसंग और नई सोच को लेकर काफी मशहूर रही हैं।

नीना गुप्ता का जन्म दिल्ली में हुआ और उन्होंने सनावर लौरेंस स्कूल में शिक्षा ग्रहण की। उनके पिता का नाम आर.एन. गुप्ता था। उन्होंने मास्टर डिग्री संस्कृत में हासिल की और इसी प्राचीनतम भाषा से संबंधित विषय में एम.फिल. किया।

नीना गुप्ता अस्सी के दशक में प्रसिद्ध क्रिकेटर विलियम रिचर्डस के साथ अपने प्रेम संबंधों के कारण काफी चर्चा में रहीं और 1989 में उन्होंने विलियम से शादी किए बिना बेटी मसाबा को जन्म दिया। बिन ब्याही मां बनकर उन्होंने भारतीय समाज को चर्चा का एक और विषय दे दिया।

क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े नामों में से एक सर विलियम रिचर्डस और बॉलीवुड अभिनेत्री नीना गुप्ता के रिलेशन ने काफी दिनों तक सुर्खियां बटोरीं। दुनिया के खतरनाक से खतरनाक गेंदबाजों की गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाने वाले विलियम रिचर्डस नीना गुप्ता के प्यार में क्लीन बोल्ड हो गए। एक हसीना और खिलाड़ी की इस जोड़ी ने बड़ा धमाल मचाया।

दोनों की रिलेशनशिप काफी अलग किस्म की थी। जब विलियम से नीना गुप्ता की मुलाकात हुई, तो वह पहले से ही शादीशुदा थे। यह बात जानते हुए भी नीना और विलियम का अफेयर चला। खिलाड़ी और हसीना की जोड़ी की यह रिलेशनशिप मगर औपचारिक शादी में तब्दील नहीं हो सकी।

क्रिकेटर विलियम रिचर्डस के साथ अपने प्रेम-प्रसंग और फिर बिना शादी किए उनकी बेटी को जन्म देने के बाद भी नीना गुप्ता का सोशल स्टेटस कभी कम नहीं हुआ। हां, यह बात जरूर थी कि जिस समय नीना गुप्ता ने विलियम रिचर्डस के प्रति अपना प्यार दर्शाया था, उस समय तक ऐसा करने की कोई हिम्मत भी नहीं करता था।

विलियम रिचर्डस से दिल टूटने के बाद नीना गुप्ता ने साल 2008 में दिल्ली में रहने वाले विवेक मेहरा से शादी कर ली। विवेक पेशे से चार्टर्ड अकाउटेंट हैं। दोनों ने बड़े गुपचुप तरीके से अमेरिका में शादी की थी।

वहीं नीना का कहना है कि मसाबा अपने पिता रिचर्डस से लगातार संपर्क में रहती हैं। रिचर्डस की यह भारतीय बेटी अपनी मां नीना गुप्ता को अपना रोल मॉडल मानती हैं। मसाबा अब एक सफल फैशन डिजाइनर हैं।

नीना गुप्ता ने 1994 की फिल्म ‘वो छोकरी’ में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था। थियेटर और कला फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत करने वाली नीना ने कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ‘गांधी’, ‘इन कस्टडी’, ‘कॉटन मेरी’ जैसी अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों में उनके अभिनय को बहुत सराहा गया।

अगर हिंदी फिल्मों की बात करें तो नीना गुप्ता ने ‘खलनायक’, टेलीफिल्म ‘बाजार सीताराम’, ‘वो छोकरी’ जैसी बेहतरीन हिंदी फिल्मों में काम किया है।

उन्होंने टेलीविजन पर ‘खानदान’ (1985), ‘यात्रा’ (1986), ‘दर्द’ (1994 डीडी ट्यूब), ‘सांस’ (स्टार प्लस), ‘सात फेरे’ (2005), ‘चिट्टी’ (2003), ‘मेरी बीवी का जवाब नहीं’ (2004), और ‘कितनी मोहब्बत है’ (2009) जैसे धारावाहिकों में काम किया। उन्होंने कई टेलीविजन धारावाहिकों का निर्देशन भी किया है।

हिंदी फिल्मों में नीना गुप्ता को ‘बाजार सीताराम’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था और साल 1994 में फिल्म ‘वो छोकरी’ के लिए भी वह सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुईं।