जब काम नहीं मिलता है तो नेहा धूपिया तकिए पर सिर रखकर रोती हैं, कहा 'सालों काम नहीं मिला...अक्षय खन्ना से मिला मोटिवेशन'

Neha Dhupia Faces Anxiety: नेहा धूपिया ने स्वीकार किया कि जब उन्हें तीन से चार सालों तक काम नहीं मिला तो उन्हें कई सारी दिकक्तों को सामना करना पड़ा था.

Published date india.com Updated: January 6, 2026 9:16 AM IST
जब काम नहीं मिलता है तो नेहा धूपिया तकिए पर सिर रखकर रोती हैं, कहा 'सालों काम नहीं मिला...अक्षय खन्ना से मिला मोटिवेशन'

Neha Dhupia Faces Anxiety:  नेहा धूपिया को हाल ही में ‘सिंगल पापा’ और ‘परफेक्ट फैमिली’ जैसे शो में अपनी भूमिकाओं के लिए खूब सराहना मिली. हालांकि, हाल ही में एक बातचीत में नेहा ने बताया कि अनिश्चित फिल्म उद्योग में अच्छा काम हमेशा अधिक अवसर नहीं देता है और उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तीन से चार साल तक अभिनय के अवसर न मिलने पर उन्हें चिंता का सामना करना पड़ा था.

मैं तकिए में सिर रखकर रोती हूं

बॉलीवुड हंगामा से बात करते हुए नेहा ने कहा, ‘जब मैं काम नहीं कर रही होती हूं तो मुझे बेचैनी होती है. नेहा ने आगे कहा, ‘इंडस्ट्री में 20 साल बिताने के बाद भी, जब काम बंद होता है, तो मैं तकिए में सिर रखकर रोती हूं. मैंने तीन दिन पहले भी ऐसा किया था, क्या मेरे पास इसके पीछे कोई वजह है? हां क्या कोई सुन रहा है? मुझे नहीं पता. मैं इस बारे में कोई दुख भरी कहानी नहीं बनाना चाहती क्योंकि मुझे फिल्मों का काम बहुत पसंद है. मुझे लगता है कि यह मुझे कभी निराश नहीं करेगा.’

अक्सर मोटी चमड़ी वाला होना चाहिए

नेहा ने आगे बताया कि हालांकि इंडस्ट्री में अभिनेताओं को अक्सर मोटी चमड़ी वाला बनने की सलाह दी जाती है, लेकिन प्रोजेक्ट खोना और लगातार आलोचना का सामना करना काफी मुश्किल हो सकता है ‘यह बहुत कठिन हो जाता है. मोटी चमड़ी वाला बनने की सलाह दी जाती है, लेकिन हर चीज़ मायने रखती है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप काम नहीं कर रहे होते हैं, तो आपके आस-पास हर कोई काम कर रहा होता है. आप जीवन को गुजरते हुए देखते हैं. मुझमें और एक नए कलाकार में बस इतना ही फर्क है कि मैं इन चीजों से पार पाना जानती हूं, मैं कई बार इस तरह की चिंता से गुज़र चुकी हूं’. नेहा ने आगे कहा कि ‘जब तीन-चार साल तक अभिनय का कोई काम नहीं मिलता तो मैं बहुत थक जाती हूँ, लेकिन ईश्वर की कृपा से मैं कभी बेरोजगार नहीं रहती क्योंकि मैं बहुत सारे काम करती हूं, यह थका देने वाला लेकिन संतोषजनक पेशा है’.

अक्षय खन्ना के करियर से उन्हें प्रेरणा मिलती है

नेहा ने बताया कि काम से हमेशा और काम नहीं मिलता और अक्षय खन्ना के करियर से उन्हें प्रेरणा मिलती है. अक्षय खन्ना अपने प्रोजेक्ट्स को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं और बहुत कम ही स्क्रीन पर दिखाई देते हैं. नेहा ने कहा, ‘काम से और काम मिलना जरूरी है. अगर मेरे पिछले दो शोज से कुछ नहीं मिलता तो कोई फायदा नहीं. क्या काम से अच्छा काम मिलता है? कभी-कभी तो समझ ही नहीं आता… फिर अक्षय खन्ना का करियर देखते हैं तो सोचते हैं, ‘हमें भी 6 साल घर ही बैठ जाना चाहिए.’ बस यही उम्मीद है कि काम से और काम मिलता रहेगा.’ अक्षय ने इस साल ‘छावा’ और ‘धुरंधर’ जैसी दो हिट फिल्में दी हैं. फिल्म रिलीज होने के बाद उनका किरदार रहमान दकैत वायरल हो गया. फिल्म ने जबरदस्त कमाई की है और भारत में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा और दुनिया भर में 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया है.

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