पंजाब के एक गैर सरकारी संगठन एनजीओ ह्मूमन राइट्स अवेयरनेस एसोसिएशन ने बुधवार को विवादित फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग से संबंधित एक याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की है। एनजीओ का मानना है कि फिल्म इस उत्पादक राज्य की छवि धूमिल करती है। ह्मूमन राइट्स अवेयरनेस एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल एवं न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव की अवकाश पीठ को बताया कि बंबई उच्च न्यायालय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उल्लेखनीय है कि बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक कट लगाने का फैसला सुनाकर फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ कर दिया। Also Read - मध्य प्रदेशः युवती का गंभीर आरोप- '10 दिनों तक लॉकअप में रखकर 5 पुलिसकर्मी करते रहे रेप', जांच शुरू

Also Read - SC ने पराली जलाने पर रोक के लिए Retd Justice की अगुवाई में पैनल का गठन किया, SG ने विरोध किया

यह भी पढ़े: ‘उड़ता पंजाब’ में अश्लील दृश्य, कैंची चलाना जरूरी : सेंसर बोर्ड Also Read - HC ने छेड़छाड़ के आरोपी को युवती से राखी बंधवाने की शर्त पर दी थी बेल, SC ने जारी किया नोटिस

बंबई उच्च न्यायालय ने ‘उड़ता पंजाब’ के निर्माता को फिल्म से एक दृश्य निकालने एवं उसमें तीन वैधानिक चेतावनी (डिस्क्लेमर) देने का आदेश दिया।

इससे पहले, सीबीएफसी की पुनरीक्षण समिति ने संस्था की ओर से प्रस्तावित 89 कट की मांग को कम कर एक दर्जन कर दिया था।