मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर को वर्ष 2015 में ‘एआईबी नॉकआउट’ नाम के कार्यक्रम के दौरान ‘अश्लील’ और ‘गाली- गलौज’ वाली भाषा का इस्तेमाल करने के कारण दर्ज प्राथमिकी में कोई भी अंतरिम राहत देने से मंगलवार को इनकार कर दिया. दोनों अभिनेताओं के अलावा कुछ अन्य फिल्मी कलाकारों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था. Also Read - रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह की जोड़ी फिर मचाएगी धमाल, इस फिल्म से लौट रहा है 'सिंबा'

न्यायमूर्ति आर एम सावंत और न्यायमूर्ति सारंग कोटवाल की पीठ ने अभिनेताओं के वकील को निर्देश दिया कि वह मामले पर इससे संबंधित दो अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई करने के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी के टाहिलरमानी की अदालत से इजाजत लें. इनमें से एक याचिका एआईबी के हास्य कलाकार रोहन जोशी ने दायर की है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है. Also Read - रणवीर सिंह की कार को बाइक ने मारी टक्कर, नुकसान देखने के लिए गाड़ी से उतरा एक्टर

अन्य याचिका एक जनहित याचिका है जो शहर के कानून के एक शिक्षक ने दायर की है. इसमें शो के आयोजकों और भागीदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. इसके अलावा उच्च न्यायालय से राज्य प्राधिकारों को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वे यूट्यूब और अन्य समान वीडियो नेटवर्कों पर इस तरह के कार्यक्रमों पर निगरानी के लिए दिशानिर्देश जारी करें. Also Read - अब एनिमेटेड वर्जन में धमाल मचाएगी रणवीर सिह की फिल्म 'सिम्बा', देखिए VIDEO

इस बीच अभिनेताओं ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए वह पुणे और मुंबई पुलिस को निर्देश दे कि वह उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं करे. पीठ ने कहा कि तीनों अर्जियों को जोड़े जाने के बाद वह इस प्रार्थना पर विचार करेगी और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत के पास आगे की सुनवाई के लिये मामले को भेज दिया.