Om Puri 70th birth anniversary: पद्मश्री पुरस्कार से नवाज़े जा चुके हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ओमपुरी (Om Puri Birthday) का आज जन्मदिन है. आज भले ही ये कलाकार इस दुनिया में नहीं है मगर इनकी फिल्में और इनके किरदार सदियों तक लोगों के ज़हन में ज़िंदा रहेंगे. मराठी नाटक पर आधारित फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ से अपना फ़िल्मी सफर शुरू करने वाले ओमपुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 को अंबाला, हरियाणा की एक पंजाबी फैमेली में हुआ था. उनके पिता रेल्वे में जॉब करते थे. चाइना गेट, कुरुक्षेत्र, प्यार तो होना ही था, चुप-चुपके, भवनी भवई, स्पर्श, मंडी, आक्रोश और शोध जैसी फिल्मों सैंकड़ों फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले सिने स्टॉर ओमपुरी की जिंदगी बड़ी ही संघर्षों में बीती, उनके घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वो कोयला बीनकर अपना पेट भरते थे.Also Read - Happy Birthday Om Puri: काफी गरीबी में बीता था ओमपुरी का बचपन, कभी ढाबे पर नौकरी तो कभी बीनना पड़ा था कोयला

साल 1980 में रिलीज फिल्म “आक्रोश” ओम पुरी के सिने करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई. इस खास मौके पर हम आपको बताएंगे ओमपुरी की ज़िंदगी के कुछ अनकहे किस्से: Also Read - बुढ़ापे में इन एक्टर्स पर छाया आशिकी का नशा, सारी हदें की पार, देखकर सिर चकरा गया

Om Puri Birthday : ओमपुरी का पहला प्यार थी 55 साल की नौकरानी, 14 की उम्र में किया था सेक्स Also Read - कच्ची उम्र में ओम पुरी को हुआ था 55 साल की नौकरानी से प्यार, मौका देखकर शारीरिक संबंध तक बनाया

साधारण परिवार-साधारण शुरूआत

ओमपुरी की पढ़ाई-लिखाई बेहद साधारण रही. थोड़ी समझ बनी तो एहसास हुआ कि कुछ अलग करना है। बेहद साधारण कद-काठी के बावजूद उन्होंने अभिनेता बनने का सपना देखा. फिल्म और टेलीविजन संस्थान, पुणे और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग की पढ़ाई की। खर्च चलाने के लिए ढ़ाबे में काम किया. अपनी मेहनत के दम पर सरकारी नौकरी पायी और फिल्मों के लिए उसे भी छोड़ दिया. उनका मानना था कि कोशिश करके देखते हैं. कुछ नहीं हुआ तो फिर से ढ़ाबे में प्लेट धो लेंगे.

सिलसिला चल निकला

ओमपुरी को शुरुआत में काम मिलने में थोड़ी मुश्किलें आईं. छोटे-मोटे रोल मिलने शुरू हुए और सिलसिला चल निकला. अर्धसत्य, आक्रोश और नरसिम्हा जैसी फिल्मों ने उन्हें एक सशक्त अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया. ओमपुरी सिर्फ गंभीर भूमिकाओं में ही नहीं रहे. उतनी ही बखूबी से कॉमेडी भी की. मालामाल वीकली, हेरा-फेरी, चुप-चुप के फिल्में इसकी गवाह हैं. एकबार सिलसिला शुरू होने के बाद उन्होंने करीब 250 फिल्मों में काम किया.

14 साल की उम्र में किया था सेक्स

ओमपुरी का जीवन विवादों से घिरा रहा है. उनकी पत्नी ने उन पर एक किताब लिखी थी. जिसमें काफी चौंकाने वाले खुलासे किए गए थे. पत्नी ने लिखा था कि ओमपुरी ने 14 साल की उम्र में 55 साल की नौकरानी के साथ सेक्स किया था. पत्नी नंदिता ने किताब में खुलासा किया कि मामा के घर पर काम करने वाली 55 साल की नौकरानी से उन्हें प्यार हो गया था. पत्नी ने लिखा है कि एक दिन घर की लाइट चली गई. नौकरानी ने मौका देखकर 14 साल के ओमपुरी को पकड़ लिया और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाये. वो नौकरानी ओमपुरी का पहला प्यार थी. पत्नी के द्वारा लिखी गई इस किताब का नाम है ‘असाधारण नायक ओमपुरी’. इस किताब के बाद दोनों पति-पत्नी के रिश्ते में खटास आ गई थी. नंदिता ने यह भी खुलासा किया कि वे अपने से ज्यादा उम्र की औरतों की तरफ आकर्षित होने लगे थे.

अंग्रेजी में ज़ीरो थे लेकिन हॉलीवुड में किया काम

बॉलीवुड में उनके अभिनय को हर तरफ सराहना मिल रही थी. उनके समर्थ अभिनय को देखते हुए हॉलीवुड से भी ऑफर आने शुरू हुए. ओम पुरी को अंग्रेजी नहीं आती थी. बिना अंग्रेजी के हॉलीवुड फिल्मों में काम करना कैसे संभव हो पाता. उन्होंने इसे भी अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया. उन्होंने मेहनत शुरू की और कुछ ही महीनों में बिल्कुल फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना शुरू कर दिया. इसके बाद गांधी, द रिलक्टेंट फंडामेटलिस्ट और सिटी ऑफ जॉय जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं.

बॉलीवुड का ये जगमगाता सितारा इस जहां को 6 जनवरी 2017 को हमेशा के लिए छोड़ गया. हिंदी सिनेमा करियर में कई सफल फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय का परिचय देने वाले इस फनकार के जयंती पर हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.