पाकिस्तानी फिल्मकार असीम अब्बासी का मानना है कि कला लोगों को आपस में नहीं बांटती है, लेकिन राजनीति ऐसा करती है. फिल्मकार का मानना है कि भारत-पाक सीमा मुद्दे से अब कला और प्रभावित नहीं होगी और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंध की संस्कृति अब नहीं चलने वाली है. Also Read - रिया चक्रवर्ती से लगातार पूछताछ कर रही है ED, करोड़ों रुपए कहां गए? खुलेंगे गहरे राज़

पिछले कुछ सालों में भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद का तनाव कला और मनोरंजन जगत में भी फैलता नजर आया है, जिसके तहत कुछ भारतीय संगठनों ने पाकिस्तानियों पर प्रतिबंध लगाया, तो वहीं पाकिस्तान में भी सिनेमाघरों से भारतीय फिल्मों के पोस्टर्स हटा लिए गए. Also Read - दीपिका पादुकोण के हैं लाखों चाहने वाले, ऐसे ही नहीं चलता है नाम पर हैशटैग

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में काम करने से पाकिस्तानी प्रतिभा को सबसे पहले साल 2016 में उरी में हुए हमले के बाद रोका गया. यह तनाव आज भी बरकरार है.

अब्बासी ने बताया, “कला बुरी तरह से प्रभावित हुई है (सीमा विवाद के चलते). उम्मीद करता हूं कि एक वक्त ऐसा भी आएगा जब हम अधिक से अधिक भारतीय व पाकिस्तानी कलाकारों को साथ में काम करते देख पाएंगे, क्योंकि मुझे नहीं समझ आता कि उन्हें ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए.”

अब्बासी की नई वेब सीरीज ‘चुड़ैल्स’ भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने के लिए बिल्कुल तैयार है और फिल्मकार इसे इस दिशा में एक उदाहरण के तौर पर देखते हैं.

पितृसत्तात्मक समाज द्वारा महिलाओं के अधिकारों का हनन किया जाता रहा है और अब इसी समाज के दंभ को चुनौती देने के मकसद से बनाई गई इस पाकिस्तानी वेब सीरीज को 11 अगस्त को रिलीज किया जाएगा.

सीरीज में सरवत गिलानी, निम्रा बुचा, मेहर बानो और यासरा रिजवी जैसे कलाकार महत्वपूर्ण किरदारों में हैं.

शो को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर प्रसारित किया जाएगा. यह जिंदगी ब्रांड के तहत एक मूल कंटेंट शो है, जिसमें पाकिस्तानी शो, टेलीफिल्म्स वगैरह शामिल हैं.

(इनपुट एजेंसी)