नई दिल्ली: फिल्म व रंगमंच के प्रख्यात कलाकार पंकज कपूर का कहना है कि उनके बेटे व अभिनेता शाहिद कपूर अपने किरदारों के चयन के मामले में परिपक्व हो गए हैं और उनकी अभिनय क्षमता बार-बार साबित हुई है. पंकज कपूर ने एक साक्षात्कार में बताया, “एक कलाकार के रूप में उनकी क्षमता बार-बार साबित हुई है. लगभग डेढ़ दशक पहले जब लोगों ने मुझे उनके बारे में पूछा था तो मैंने कहा था, ‘जब तक उन्हें नाटकीय भूमिकाएं नहीं मिलने लगती तब तक इंतजार करे और फिर उनकी वास्तविक क्षमता देखने को मिलेगी.’ बीते 4-5 सालों में उनकी हालिया फिल्मों के साथ लोगों ने महसूस किया है कि वह किस तरह के अभिनेता हैं.”

तो ऐसी फिल्में देखना पसंद करते हैं निर्माता-लेखक इम्तियाज अली…

अपने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के बारे में पूछे जाने पर कपूर ने कहा कि सीखने व आत्मसात करने के मामले में वे सबसे अधिक रचनात्मक दिन थे. आज वर्ल्ड ऑफ सिनेमा के बारे में उनके क्या विचार हैं? इस पर पंकज ने कहा, “मुझे लगता है कि सिनेमा कहीं ज्यादा खुले विचारों वाले बनने लगे हैं. तीस साल पहले हमें मिलने वाली अवसरों की तुलना में अब कहीं ज्यादा है.

अलग तरह की फिल्में बन रही हैं, लोग अलग-अलग तरह की स्क्रिप्ट के साथ आ रहे हैं, वे कुछ इस तरह की कहानियों के साथ आगे आ रहे हैं जो दर्शकों को भाए और साथ ही जिसमें उनके लिए कहने को कुछ हो, जो वाकई में दिल को छू लेने वाली एक बात है.” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि सिनेमा की विभिन्न शैलियों का विकास हो रहा है और निभाने के लिए भिन्न किरदार भी आगे आ रहे हैं.