मुंबई। दिन ब दिन अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत रहे अभिनेता विकी कौशल ने कहा है कि बॉलीवुड में एंट्री करने के बाद उन्हें लगा कि वह जीवित हैं. फिल्मों में अलग-अलग भूमिका निभाकर आलोचकों की प्रशंसा बटोरने वाले इस एक्टर को अपने संघर्ष भरे दिन भी बुरे नहीं लगते. उनका कहना है कि मैंने उस दौर का भी लुत्फ उठाया था. Also Read - कोरोना संकट के बीच अयोध्‍या में शनिवार से शुरू होगी रामलीला, राजनीतिक और बॉलीवुड कलाकार लेंगे हिस्सा

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अपनी हालिया फिल्म राजी की सफलता से उत्साहित विकी उन दिनों को याद करते हैं जब वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे. उन्होंने शिक्षा के महत्व, अभिनय के पेशे में आना और फिल्म जगत में अपने शुरुआती संघर्ष के बारे में बात की. Also Read - रिपब्लिक टीवी, टाइम्स नाउ के खिलाफ उच्च न्यायालय पहुंचे बॉलीवुड निर्माता, लगाए ये आरोप

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आलोचकों की प्रशंसा बटोर चुकी फिल्म मसान से अपनी शुरुआत करने वाले विकी ने पीटीआई-भाषा को एक साक्षात्कार में बताया कि संघर्ष के दौरान मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मुझे इंजीनियर बन जाना चाहिए था क्योंकि मैं जानता था कि वह क्षेत्र मेरे लिए नहीं है. उस जीवन को मैं जी नहीं पाता और वह बहुत बंधा-बंधाया जीवन हो जाता.

उन्होंने कहा, यहां चाहे जैसा भी संघर्ष करना पड़ा, मैंने उसका लुत्फ लिया. मुझे लगा कि मैंने अपना जीवन जिया. यह खूबसूरत दौर था. यहां संघर्ष थे लेकिन मैं कभी पीछे नहीं हटा. संघर्ष के दौरान भी मैं यह मानता था कि मैं यही करना चाहता हूं. विकी ने कहा कि उन्होंने अपने पिता प्रख्यात एक्शन निर्देशक श्याम कौशल को फिल्म उद्योग में जगह बनाने के लिए मशक्कत करते हुए देखा है और उनसे प्रेरणा ली.

(भाषा इनपुट)