बॉलीवुड में वैसे तो देशभक्ति  पर कई फ़िल्में बनी हैं लेकिन मेघना गुलजार की ‘राजी’ उनमें से कुछ अलग है. देश के लिए जान कुर्बान कर देने वाले कुछ लोग ऐसे होते हैं  जिनका न कोई नाम होता है न ही कोई पहचान. अगर उनके हिस्से में कुछ आता है तो वो है देश के झंडे पर कभी न मिटने वाली याद. ऐसी ही है,  ‘ए वतन मेरे वतन आबाद रहे तू’ और ‘वतन के आगे कुछ भी नहीं खुद भी नहीं’ जैसे दमदार संवाद अदायगी वाली फिल्म ‘राज़ी’.  Also Read - Lockdown During Unlock 5.0 : इन इलाकों में 31 अक्टूबर तक सख्ती के साथ जारी रहेगा लॉकडाउन

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कलाकार- आलिया भट्ट, विकी कौशल, रजित कपूर, शिशिर शर्मा, जयदीप अहलावत, सोनी राजदान Also Read - School Reopening Guidelines Unlock 5.0 : अनलॉक 5.0 में इस तारीख से स्कूलों को खोलने की सरकार ने दी इजाजत लेकिन...

निर्देशक- मेघना गुलजार

मूवी टाइप- थ्रिलर

अवधि-2 घंटा 20 मिनट

स्टार- 3

कहानी- फिल्म ‘राजी’ की कहानी 1971 भारत-पाक युद्ध पर बेस्ड है. कहानी की शुरुआत पाकिस्तान से होती है जहां पाकिस्तान , भारत से बदला लेने और उसे तबाह करने का प्लान बना रहा होता है. लेकिन इसकी भनक एक कश्मीरी बिज़नसमैन हिदायत खान (रजित कपूर) को मालूम चल जाती है. हिदायत एक बिजेनसमैन होने के साथ ही एक भारतीय जासूस भी है जो कि बड़ी ही चालाकी से ख़ुफ़िया सूचनाओं को भारत तक पहुंचाता है. इन सबके साथ ही हिदायत की दोस्ती पाकिस्तानी आर्मी ब्रिगेडियर परवेज सैय्यद (शिशिर शर्मा) से है. जब हिदायत को ये मालूम चलता है कि पाकिस्तान, भारत पर हमला करने की तैयारी में है. तब वह अपनी दोस्ती का सहारा लेकर अपने देश भारत की रक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लेता है. हिदायत अपनी बेटी सेहमत (आलिया भट्ट) के लिए पाकिस्तानी ब्रिगेडियर के बेटे इकबाल (विक्की कौशल) का हाथ मांगता है. जो कि आर्मी में है. जब सहमत को अपने पिता के इस मंसूबे के बारे में पता चलता है तब वह बिना किसी डर के “राजी” हो जाती है. फिर शुरू होती है सहमत खान की कड़ी ट्रेनिंग, उसे भारत की आंख और कान बनाकर पाकिस्तान भेजा जाता है. लेकिन क्या सेहमत पाकिस्तान आर्मी में चल रहे षड्यंत्रों को भारत तक पहुंचाने में कामयाब होती है. क्या उसके लिए आर्मी परिवार में रहकर ये सब कुछ कर पाना आसान होगा? क्या होगा जब उसे अपने पति और देश में से किसी एक को चुनना होगा? क्या वह जिन्दा अपने देश भारत लौटती है? इन सभी सवालों के जवाब के लिए आपको ‘राजी’ देखनी होगी. एक नज़र देखिए फिल्म का ट्रेलर

डायरेक्शन- मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी ये फिल्म उतनी रोमांचकारी नहीं है जितना की ट्रेलर देखने के बाद लगा था. फिल्म की कहानी को आसानी से प्रिडिक्ट किया जा सकता है. फिल्म को कश्मीर की वादियों में शूट किया गया है.

एक्टिंग- एक बेटी, एक जासूस और एक पत्नी के किरदार को आलिया ने बखूबी पर्दे पर निभाया है. उनकी दमदार एक्टिंग ही इस फिल्म को खास बनाती है. पाक आर्मी ऑफिसर के किरदार में विक्की कौशल का काम सराहनीय है. वहीं जयदीप अहलावत, रजित कपूर और सोनी राजदान का अभिनय भी कमाल का है.

म्यूजिक- फिल्म में ‘दिलबरो’, ‘ऐ वतन’, ‘राजी’ गाने काफी अच्छे हैं जो आपको काफी पसंद आएंगे. खासकर ‘ए वतन’ जो फिल्म के ख़त्म होने के बाद भी आपके जुबान पर चढ़ा रहता है.

कुछ और भी- फिल्म की कहानी हरिंदर सिक्का के उपन्यास ‘कॉलिग सहमत’पर आधारित एक सच्ची घटना है. हालांकि हरिंदर ने कहानी को इतना घुमा-फिराकर लिखा गया है कि भारतीय जासूस और उसके परिवार की पहचान न हो पाए. अगर आप सीरियस फिल्मों के शौक़ीन हैं और देशभक्ति वाली फ़िल्में पसंद करते हैं तो ये फिल्म आपको जरुर पसंद आएगी. फिल्म पूरी तरह से पैसा वसूल है.

 

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