
Shilpi Singh
शिव की नगर बनारस से निकलकर सपनो की दुनिया में आई हूं....शिल्पी सिंह बनारस वो शहर जो अपनी भड़ी,गंगा और कमाल के खाने के लिए जाना जाता है. 2009 में ... और पढ़ें
Radhika Apte On Set Behavior: राधिका आप्टे ने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली और मलयालम सहित कई भाषाओं में अभिनय किया है. अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने में विशेष रूप से ‘कठिनाई’ का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने किसी फिल्म का नाम नहीं बताया. स्क्रीन के लिए ‘साली मोहब्बत’ के सह-कलाकार दिव्येंदु शर्मा के साथ बातचीत में, राधिका ने याद किया कि एक बार उन्हें फिल्म के लिए अपने बम्स और ब्रेस्ट पर एक्ट्रा पैडिंग लगाने के लिए कहा गया था.
स्क्रीन के लिए हुए बातचीत के दौरान राधिका ने कहा, ‘मैंने कुछ दक्षिण भारतीय फिल्में इसलिए कीं क्योंकि मुझे पैसों की बहुत ज़रूरत थी. बात यह है कि वहां भी बहुत अच्छी फिल्में बनती हैं, खासकर दक्षिण भारत में. मैं दक्षिण भारतीय फिल्मों को एक ही श्रेणी में रखने की कोशिश नहीं कर रही हूं क्योंकि हर फिल्म इंडस्ट्री में बेहतरीन फिल्में बनती हैं.’
राधिका ने इसे लेकर आगे कहा कि ‘लेकिन कुछ फिल्मों में मुझे बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा. मुझे याद है कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान, जब हम एक छोटे से कस्बे में थे, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं सेट पर अकेली महिला थी और वो मेरे शरीर के कुछ हिस्सों में एक्ट्रा पैडिंग लगाना चाहते थे. वे कहने लगे, ‘और पैडिंग लगाओ अम्मा!’ और मैंने कहा, ‘कितनी और पैडिंग? किसी को और कितना गोल बनाओगे?’ तो मैंने निर्देशक से कहा, ‘पैडिंग नहीं’. मैं अकेली महिला थी! मेरे पास कोई मैनेजर नहीं था, कोई एजेंट नहीं था, पूरी टीम में पुरुष थे! तब मुझे पहली बार एहसास हुआ, हे भगवान.
राधिका ने तमिल फिल्मों जैसे ‘ऑल इन ऑल अझगु राजा’, ‘वेट्री सेल्वन’ और ‘कबाली’ में काम किया है और उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘लेजेंड’ में नंदामुरी बालकृष्ण के साथ भी अभिनय किया है. हाल ही में राधिका दो ओटीटी रिलीज़ में नज़र आईं: ‘साली मोहब्बत’ जो Zee5 पर रिलीज़ हुई और ‘रात अकेली है – द बंसल मर्डर्स’ जो नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है.
राधिका ने आगे कहा, ‘मैं दोबारा कभी भी उस स्थिति में नहीं पड़ना चाहती क्योंकि मैं रो दूंगी. यह सचमुच दर्दनाक अनुभव था. मैं नहीं चाहूंगी कि कोई भी महिला उस स्थिति में हो.’ अभिनेत्री ने कहा कि फिल्म उद्योग में बहुत से लोगों के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल है क्योंकि उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी सोच कैसी है. साथ ही राधिका ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस संस्कृति के लिए पुरुषों को दोषी नहीं ठहरा रही हैं, क्योंकि कई महिलाएं शक्तिशाली पदों पर हैं जो बदलाव ला सकती हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगी और ये बेहद परेशान करने वाला है.
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