
Pooja Batra
पत्रकारिता में 20 साल से अधिक का अनुभव. 2001 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से M.A किया. फिर भारतीय विद्या भवन के फिल्म एंड टीवी ... और पढ़ें
एक्टर राज बब्बर ने इंडस्ट्री में जगह बनाने से पहले ही शादी कर ली थी. राज और नादिरा अलग-अलग धर्मों से थे. राज हिंदू थे और नादिरा मुस्लिम. हालांकि उन पर अपने परिवार के दबाव का सामना करना पड़ा क्योंकि वे चाहते थे कि नादिरा हिंदू धर्म अपना लें, लेकिन राज ने ऐसा नहीं किया और ऐसा करने में राज बब्बर के पिता ने उनका साथ दिया. राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर ने हाल ही में अपने पैरेंट्स की शादी के बारे में बात की है. उन्होंने खुलासा किया कि किस तरह उनका परिवार दोनों धर्मों को स्वीकार नहीं कर रहा था. जूही ने बताया कि वे दोनों रीति-रिवाजों का सम्मान करते हैं. राज का परिवार चाहता था कि नादिरा निर्मला या निर्देश जैसा नाम रख ले, लेकिन जूही ने ऐसा होने से रोकने का श्रेय अपने नाना को दिया.
मुसीबत होता था नकली बारिश में भीगना….गीले कपड़े…रोमांस..ऐसे में जीनत अमान को किसका मिलता था सहारा?
7
राज बब्बर और नादिरा की शादी
जूही ने लहरें से बातचीत में कहा, ‘हम भारतीयता के प्रतीक हैं. हम बस एक ईसाई लड़की के परिवार में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि हमारे घर में सभी धर्मों का समावेश हो सके. हम सभी धर्मों से ताल्लुक रखते हैं.
ईद और दिवाली मनाता है परिवार
यह कहते हुए कि वह एक खूबसूरत माहौल में पली-बढ़ी है, जूही ने कहा, ‘हम दिवाली और ईद दोनों को एक ही उत्साह के साथ मनाते हैं. ऐसा कोई त्यौहार नहीं है जिसमें हमारे माता-पिता दोनों मौजूद न हों. मैं यह नहीं कहूंगी कि हमारा परिवार बहुत धार्मिक है, लेकिन हम बहुत ही सांस्कृतिक हैं. पूरे परिवार का सभी त्यौहारों, जन्मदिनों और नए साल पर एक साथ रहना हमारी संस्कृति का हिस्सा है. जब दूसरे लोग 31 दिसंबर को दोस्तों के साथ बाहर पार्टी करते हैं, तो हम घर पर एक साथ रहते हैं.
क्या कभी धर्म की वजह से कोई मनमुटाव हुआ है?
जूही से पूछा गया कि क्या कभी धार्मिक मतभेदों की वजह से राज और नादिरा के बीच दरार आई थी. इस पर जूही ने सीधे तौर पर ‘नहीं’ में जवाब दिया. इसके लिए उन्होंने दोनों की आपसी समझ और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की बात की. जूही ने कहा, ‘मेरे नाना-नानी सज्जाद जहीर और रजिया सज्जाद जहीर साथी थे. वे आमतौर पर उपवास नहीं करते थे, लेकिन ईद मनाते थे. भले ही मेरे दादा हर दिन नमाज नहीं पढ़ते थे, फिर भी वे ईद की नमाज पढ़ते थे.वे सभी इसका पालन करते थे. जूही ने यह भी कहा कि राज और नादिरा के परिवार भी धार्मिक मतभेदों के बावजूद एक अच्छा रिश्ता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Entertainment Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.